Lohardaga News: 20,800 रुपये मानदेय की मांग पर आजीविका कैडरों का महाजुटान, सांसद ने मंत्री से की बात

झारखंड के आजीविका कैडरों ने मानदेय वृद्धि और अन्य सुविधाओं के लिए लोहरदगा सांसद के आवास पर प्रदर्शन किया। सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है।

लोहरदगा : मानदेय में वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड राज्य आजीविका ऑल कैडर संघ, पलाश से जुड़े सैकड़ों महिला एवं पुरुष कैडरों ने बुधवार को लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत के आवास पर महाजुटान किया. कैडरों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन सांसद को सौंपते हुए सरकार से शीघ्र पहल करने की मांग की.

संघ के सदस्यों ने कहा कि आजीविका कैडर वर्ष 2016-17 से ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत जेएसएलपीएस के माध्यम से प्रखंड के वीओ, पंचायत और संकुल स्तर पर कार्य कर रहे हैं. ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देने से लेकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने तक की जिम्मेदारी कैडर निभा रहे हैं.

कैडरों के अनुसार कृषि, पशुपालन, सामाजिक विकास, नन फार्म, फूलो-झानो, स्वास्थ्य-पोषण, बैंक लिंकेज, बीमा, कौशल विकास, एमआइएस-लोकॉस एंट्री और रजिस्टर अपडेट समेत सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है. इसके बावजूद मानदेय और अन्य सुविधाओं को लेकर उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं.

20,800 रुपये मानदेय समेत कई मांगें

संघ ने मानदेय को 800 रुपये प्रतिदिन की दर से 26 दिनों के हिसाब से 20,800 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की. इसके अलावा 3,000 रुपये प्रतिमाह कम्युनिकेशन भत्ता देने, एफटीए में शामिल कर एचआर पॉलिसी का लाभ देने, भविष्य निधि यानी पीएफ की सुविधा देने और मानदेय का भुगतान सीधे व्यक्तिगत बैंक खाते में करने की मांग रखी गयी.

कैडरों ने हर वर्ष 10 से 15 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का प्रावधान करने, जेएसएलपीएस की सभी रिक्तियों में बीआरपी-एलएचसी को 60 प्रतिशत आरक्षण देने और बीमा सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराने की भी मांग की.

सांसद ने मंत्री से फोन पर की बात

प्रतिनिधिमंडल की समस्याएं सुनने के बाद सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि राज्य के करीब 56 हजार आजीविका दीदी-भैया ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उन्होंने कहा कि आजीविका कैडरों ने झारखंड की लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. सांसद ने कहा कि वे कैडरों की मांगों के साथ हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे.

सांसद ने मौके पर ही ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से दूरभाष पर बातचीत कर कैडरों की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया. उन्होंने मंत्री से मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया.

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि पूरे राज्य में करीब 56 हजार आजीविका कैडर कार्यरत हैं. उन्होंने सांसद को आश्वस्त किया कि कैडरों की मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल करेगी. इस संबंध में निर्णय जेएसएलपीएस की बोर्ड मीटिंग (जीबी मीटिंग) में लिया जायेगा. मंत्री ने एक माह के भीतर सकारात्मक निर्णय लिये जाने का आश्वासन दिया.

मंत्री के आश्वासन के बाद कैडरों में खुशी का माहौल रहा. प्रतिनिधिमंडल ने सांसद सुखदेव भगत के प्रति आभार जताया. मौके पर संघ के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष कैडर उपस्थित थे.

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लेखक के बारे में

By गोपी कृष्ण

गोपी कृष्ण वर्तमान में ब्यूरो प्रमुख हैं. समाज में व्याप्त समस्याओं, भ्रष्टाचार, अंधविश्वास, महिला उत्पीड़न, पलायन को लेकर काम में रूचि है. बहुत काम किया है.

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