शिक्षकों की कमी से जूझ रहा कोचा स्कूल, 163 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक के भरोसे

शिक्षकों की कमी से जूझ रहा कोचा स्कूल, 163 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक के भरोसे

किस्को़ राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोचा में सोमवार को आयोजित शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में विद्यालय की जर्जर शैक्षणिक स्थिति पर गंभीर चिंता जतायी गयी. बैठक में अभिभावकों ने विद्यालय में शिक्षकों की घोर कमी का मुद्दा उठाया और इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक (डीइओ) लोहरदगा को मांग पत्र सौंपकर जल्द शिक्षक नियुक्ति की गुहार लगायी. शिक्षकों की कमी और अतिरिक्त कार्यों का बोझ : बैठक में बताया गया कि विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक कुल 163 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन शिक्षण कार्य भगवान भरोसे है. विद्यालय में कुल तीन शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से एक शिक्षक करमदयाल उरांव गंभीर बीमारी के कारण पिछले दो महीनों से अनुपस्थित हैं. शेष दो शिक्षकों पर जनगणना, वर्तमान में जारी शिशु गणना, प्रशिक्षण और विभागीय बैठकों का अतिरिक्त बोझ रहता है. इन परिस्थितियों में अक्सर पूरा विद्यालय मात्र एक शिक्षक के भरोसे संचालित होता है, जिससे बच्चों के भविष्य और अध्यापन की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है. इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा : संगोष्ठी के दौरान बच्चों की उपस्थिति में सुधार, एफएलएन (निपुण भारत मिशन) की आवश्यकता और महत्व पर विस्तार से चर्चा की गयी. साथ ही विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, बच्चों को स्वच्छ परिवेश में स्कूल भेजने और सरकार द्वारा मिलने वाले नि:शुल्क ड्रेस, स्वेटर, बैग, पुस्तक, कॉपी और किट वितरण की स्थिति की समीक्षा की गयी. विद्यालय प्रबंधन समिति ने स्पष्ट किया कि बिना अतिरिक्त शिक्षकों के विद्यालय का सुचारू संचालन संभव नहीं है. मौके पर प्रबंधन समिति के सदस्य और काफी संख्या में ग्रामीण व अभिभावक उपस्थित थे़

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By SHAILESH AMBASHTHA

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