केआईसी लोहरदगा ने जीता राजीव गांधी सद्भावना फुटबॉल टूर्नामेंट, स्टूडेंट क्लब किस्को को दो गोल से हराया

लोहरदगा में आयोजित राजीव गांधी सद्भावना फुटबॉल टूर्नामेंट में केआईसी लोहरदगा ने स्टूडेंट क्लब किस्को को हराकर खिताब अपने नाम किया। जानिए पूरी खबर।

लोहरदगा : प्रतिभा केंद्र की ओर से आयोजित राजीव गांधी सद्भावना फुटबॉल टूर्नामेंट में केआईसी लोहरदगा अंडर-17 बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्टूडेंट क्लब किस्को को दो गोल से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. प्रतियोगिता में कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया.

रोमांचक फाइनल मुकाबले में केआईसी लोहरदगा की टीम ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए स्टूडेंट क्लब किस्को को दो गोल से पराजित किया. एस हेम्ब्रम को मैन ऑफ द मैच तथा मंजीत कुमार को मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया.

खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन का संदेश

मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य संदीप कुमार ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खिलाड़ी लगन और मेहनत के साथ खेलें तथा जिला, राज्य और देश का नाम रोशन करें. युवा खिलाड़ियों को फीफा के नियमों और अनुशासन का पालन करना चाहिए, तभी वे बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकेंगे.

शिक्षक रामचंद्र गिरी और नेतरहाट के खेल शिक्षक बसंत तिर्की ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया.

प्रतिभा केंद्र के सचिव एस सुजाउद्दीन राजा ने बताया कि आसपास के वैसे बच्चों को बेहतर मंच देने का प्रयास किया जाता है, जिनमें खेल के प्रति जुनून है, लेकिन आर्थिक और सामाजिक कारणों से उन्हें उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता. प्रतिभा केंद्र की ओर से ऐसे खिलाड़ियों को कोचिंग के साथ आवश्यकता के अनुसार खेल सामग्री भी उपलब्ध करायी जाती है, ताकि उनकी प्रतिभा को निखारा जा सके.

प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका अनिल मुंडा, जसीम खान, रौशन मुंडा, जितेंद्र महतो, सूरज उरांव, आशीष उरांव, कुलदीप उरांव और अलदीप उरांव ने निभायी. मौके पर मुमताज अहमद, दिनेश प्रसाद, बसंत तिर्की, साहेब खलीफा, संजय भगत, पंकज कुमार और शिक्षक शुक्रा उरांव समेत अन्य लोग मौजूद थे. पुरस्कार वितरण कर विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया.

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लेखक के बारे में

By गोपी कृष्ण

गोपी कृष्ण वर्तमान में ब्यूरो प्रमुख हैं. समाज में व्याप्त समस्याओं, भ्रष्टाचार, अंधविश्वास, महिला उत्पीड़न, पलायन को लेकर काम में रूचि है. बहुत काम किया है.

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