लोहरदगा. गुरुकुल भारती के प्रांगण में सोमवार को करमा महोत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद विद्यार्थियों ने करमा गीत और नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया.
प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
महोत्सव के दौरान करमा देवता की आराधना की गयी. विद्यार्थियों को पेड़-पौधों के महत्व और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया. रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे विद्यालय परिसर में उत्सवी माहौल बन गया.
संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने की अपील
विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष कुमार साहू ने करमा पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि खरीफ फसल के आगमन और अच्छी फसल की कामना के लिए करमा पर्व मनाया जाता है. यह पर्व भाई-बहन के अटूट संबंध का भी प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि करमा महोत्सव प्रकृति के प्रति प्रेम, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आपसी भाईचारे का संदेश देता है. कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
