लोहरदगा. सदर प्रखंड के हिरही पंचायत स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में शनिवार को करम पर्व की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में उपायुक्त संदीप कुमार मीना शामिल हुए और विद्यार्थियों के साथ करम पर्व की खुशियां साझा कीं. इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए.
उपायुक्त ने कहा कि करम पर्व प्रकृति, संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है. प्रकृति के बिना मानव जीवन का अस्तित्व संभव नहीं है. करम वृक्ष की पूजा प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश देती है. उन्होंने कहा कि करम पर्व को आदिवासी समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोग भी उत्साह के साथ मनाते हैं. यह भाई-बहन के प्रेम, अच्छी फसल, हरियाली और सुख-समृद्धि की कामना का पर्व भी है.
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा इनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया. कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और जड़ों से होती है. पर्व-त्योहार, संगीत और परंपराओं को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है.
उपायुक्त ने विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने, लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और गलत दिशा से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ विभिन्न गतिविधियों और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास होता है.उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग उनके परिवार की तरह हैं. विद्यालय में किसी प्रकार की कठिनाई या सुविधा की कमी न हो, इसके लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा.
उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं की जानकारी देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति समझ और जिम्मेदारी विकसित होती है.मौके पर परियोजना निदेशक आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर, विद्यालय के शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित थीं.
