कुड़ू (लोहरदगा): जिले के कुड़ू प्रखंड स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलगी में प्रकृति, संस्कृति और भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक करम पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. विद्यालय वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्रीहरि द्वारा संचालित है. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के आचार्य-आचार्याओं और भैया-बहनों ने करम देवता की पूजा-अर्चना एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया.
करम डाल की स्थापना कर प्रस्तुत किए लोकगीत
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने करम डाल की स्थापना की. इसके बाद सामूहिक रूप से करम गीत और पारंपरिक लोकगीत प्रस्तुत किये गये. छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग भर दिए. विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया.
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प्रकृति और संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोहर साहु ने करम पर्व के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि करम पर्व प्रकृति संरक्षण, भाई-बहन के स्नेह, आपसी सहयोग और लोक संस्कृति व परंपराओं को संरक्षित रखने का संदेश देता है. विद्यालय के सचिव कृष्णा प्रजापति ने विद्यार्थियों को समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं से परिचित कराया. विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लाल उपेंद्र नाथ शाहदेव ने सभी से प्रकृति के संरक्षण और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया.
कृषि संस्कृति और भाई-बहन के प्रेम का उत्सव है करम
पंचायत समिति सदस्य सलगी बाबूलाल उरांव ने कहा कि करम पर्व केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति प्रेम, भाई-बहन के स्नेह, कृषि संस्कृति और सनातनी एकता का उत्सव है. कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य-आचार्या, कर्मचारी और भैया-बहन शामिल हुए.
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