संदीप साहू की रिपोर्ट
कैरो (लोहरदगा): कैरो प्रखंड मुख्यालय को सढ़ाबे, टाटी, खरता समेत दर्जनों गांवों से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर कंदनी नदी पर बना पुल अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है. पुल में जगह-जगह गहरी दरारें पड़ गयी हैं और सरिया बाहर निकल आया है. पुल का एक हिस्सा भी धंसने के कगार पर है. इसकी हालत देखकर ग्रामीणों को कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.
सब्जी उत्पादक किसानों की बढ़ी परेशानी
सढ़ाबे गांव इस क्षेत्र में सब्जी उत्पादन का प्रमुख केंद्र है. यहां बड़े पैमाने पर बंदगोभी, फूलगोभी, धनिया और मिर्च की खेती होती है. किसान रोजाना पिकअप और ट्रैक्टर के माध्यम से अपनी सब्जियां मंडी तक भेजते हैं. लेकिन कंदनी नदी का पुल जर्जर होने के कारण बड़े वाहनों का आवागमन अब प्रभावित होने लगा है. किसानों का कहना है कि पुल से गुजरते समय हमेशा गिरने का डर बना रहता है. पुल की खराब स्थिति के कारण सब्जी मंडी तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है.
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कोयल नदी का पुल छह माह से टूटा
दूसरी ओर, मदरसा की ओर से आने वाली सड़क पर हनहट बाबा भोलेनाथ मंदिर के समीप कोयल नदी पर बना पुल पिछले छह माह से टूटा हुआ है. पुल टूटने के कारण वहां से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद है.
दोनों पुलों के खराब होने से सढ़ाबे, टाटी, खरता समेत आसपास के गांवों के किसानों को सब्जी मंडी पहुंचने के लिए अब 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. किसानों ने बताया कि अतिरिक्त दूरी के कारण सब्जियां समय पर मंडी नहीं पहुंच पाती हैं.
