लोहरदगा: झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा की बैठक शुक्रवार को शांति निवास, अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी, रांची में प्रदेश संयोजक डॉ. सुधांशु कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में शिक्षकों की लंबित सेवा-सुविधाओं, आर्थिक अधिकारों और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर गंभीर चर्चा की गयी. मोर्चा ने मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया.
मोर्चा के प्रदेश संयोजक अमीन अहमद एवं प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने कहा कि राज्य के सभी शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ दिया जाये. छठे वेतन आयोग 2006 की अनुशंसा के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान लागू करने और शिक्षकों को जेपीएससी की सीमित उप समाहर्ता प्रतियोगिता परीक्षा में पूर्व की तरह अवसर देने की मांग की गयी. अवर शिक्षा सेवा और राज्य शिक्षा सेवा के 50 प्रतिशत पद शिक्षकों के लिए आरक्षित कर सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से रिक्त पदों पर नियुक्ति की भी मांग की गयी.
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मोर्चा ने जेसीईआरटी की मासिक आरएआइएल परीक्षा के अलावा जिलों में अलग से परीक्षा कराने और शिक्षकों से ऑनलाइन-ऑफलाइन रिपोर्टिंग कार्य कराने पर रोक लगाने की मांग की. प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पर्याप्त नियुक्ति या तत्काल घंटी आधारित शिक्षकों की व्यवस्था करने की बात कही गयी.
2010 से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को सेवा के अंतिम चरण में टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने के लिए तमिलनाडु की तर्ज पर अध्यादेश जारी करने की मांग भी उठी. विद्यालय विकास एवं मध्याह्न भोजन की राशि नियमित देने, अंडा-फल की राशि बढ़ाने तथा अर्जित, मातृत्व, चिकित्सा और पितृत्व अवकाश के दौरान वेतन नहीं रोकने की मांग की गयी.
मोर्चा ने सरकार से सभी मांगों पर समयबद्ध पहल करते हुए समाधान की मांग की.
