अवैध बॉक्साइट खनन के लिए जंगलों की अंधाधुंध कटाई

अवैध बॉक्साइट खनन के लिए जंगलों की अंधाधुंध कटाई

लोहरदगा़ जिले के विभिन्न इलाकों में अवैध बॉक्साइट खनन के लिए जंगलों की अंधाधुंध कटाई जारी है. खनन माफिया पहाड़ी और वन क्षेत्रों में तेजी से पेड़ों को काटकर बॉक्साइट निकाल रहे हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. जंगलों में तेजी से कट रहे पेड़ : सेरेंगदाग, जालीम सहित अन्य जंगली इलाकों में धड़ल्ले से पुराने पेड़ काटे जा रहे हैं. कई जगहों पर बॉक्साइट निकालने के लिए पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया जा रहा है. काटे गये पेड़ों को नाथपुर सहित आसपास के गांवों में जमा कर बेचा जा रहा है. क्षेत्र में अवैध खनन बेरोकटोक जारी है. वन विभाग और खनन विभाग की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि भाषणों में ‘वृक्ष लगाओ, वृक्ष बचाओ’ के नारे रह गये हैं. यदि समय रहते पेड़ों की कटाई नहीं रोकी गयी, तो आने वाले दिनों में इलाके में हरियाली का संकट गहरा सकता है. रात के अंधेरे में हो रहा खनन : स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगहों पर रात के अंधेरे में भारी मशीनों और ट्रकों की मदद से खनन किया जा रहा है. इसके लिए पहले जंगलों को साफ किया जा रहा है, जिससे हरियाली तेजी से खत्म हो रही है. बताया जाता है कि बॉक्साइट के अवैध कारोबार में मोटी कमाई होती है और इसमें विभिन्न लोग शामिल हैं. जंगलों से निकाले गये बॉक्साइट को छत्तीसगढ़ के चालान या फिर लोहरदगा के निजी माइंस मालिकों से चालान लेकर ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है. डिपो के जरिये वैध बनाने का आरोप : घाघरा से लोहरदगा के बीच कई बॉक्साइट डिपो बनाये गये हैं, जहां बॉक्साइट डंप कर उसे वैध बनाने का आरोप लगाया जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार लगातार पेड़ों की कटाई और खनन से इलाके के जल स्रोतों पर भी असर पड़ रहा है. वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होने से हाथी, भालू और हिरण जैसे जंगली जानवर शहर की ओर भटकते नजर आ रहे हैं. प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग : ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में लोहरदगा के सहायक खनन पदाधिकारी राजाराम प्रसाद ने कहा कि जिले में अवैध बॉक्साइट खनन की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है. अवैध खनन किसी भी कीमत पर होने नहीं दिया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shailesh ambashtha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >