सेन्हा़ प्रखंड के बूटी पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय शाहबूटी में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेन्हा के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ शशिकांत कुमार ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) के खतरों के प्रति जागरूक किया. डॉ शशिकांत ने बताया कि ग्लूकोमा एक अत्यंत खतरनाक बीमारी है, जिसे ””””नजर का साइलेंट चोर”””” भी कहा जाता है. यह आंखों की रोशनी को धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म कर देता है. उन्होंने जानकारी दी कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों या जिनके परिवार में इसका इतिहास रहा हो, उन्हें इस बीमारी का अधिक खतरा रहता है. धुंधलापन महसूस होना या देखने के दौरान आंखों पर दबाव पड़ना इसके मुख्य लक्षण हैं. समय पर जांच न होने से पढ़ाई-लिखाई और दैनिक कार्यों में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है. इस दौरान चिकित्सक ने स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की नेत्र जांच की. साथ ही, जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित क्विज में प्रथम स्थान अनुज जायसवाल, द्वितीय आवेश अंसारी और तृतीय स्थान राहुल महली ने प्राप्त किया. विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनिता खलखो, शिक्षक दीपक कुमार, सारु उरांव, प्रदीप कुमार सहित कई शिक्षक और काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
नजर का साइलेंट चोर है काला मोतियाबिंद
नजर का साइलेंट चोर है काला मोतियाबिंद
