सेन्हा़. राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय डांडू चितरी में नेत्रदान महादान पखवाड़ा मनाया गया. इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ शशिकांत कुमार ने शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी. कार्यक्रम के दौरान डॉ शशिकांत ने विस्तार से बताया कि नेत्रदान क्यों आवश्यक है, इसे कब और कैसे किया जाता है तथा भारत में नेत्रदान की पहली सफलता कब मिली थी. उन्होंने नेत्र बैंक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए आंखों की सुरक्षा और बचाव के उपाय भी बताये. छात्र-छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए नेत्र विषयक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें वर्ग दशम की स्वीटी कुमारी ने प्रथम, प्रियांशु कुमार द्वितीय और आशा कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. विजेताओं को डॉ शशिकांत व विद्यालय के शिक्षकों ने पुरस्कृत किया. कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं समेत ग्रामीण काफी संख्या में उपस्थित थे. आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व से जोड़ना और समाज में दृष्टिहीनता को कम करने की दिशा में प्रेरित करना रहा. विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक की मौत
लोहरदगा़ कैरो थाना क्षेत्र के उतका गांव स्थित चंदा बगीचा में मंगलवार शाम विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी. उतका गांव निवासी स्वर्गीय बेनी मिंज के पुत्र जीवन मिंज 37 वर्ष अपने घर के बिजली के बोर्ड में चार्जर लगा रहा था. जमीन पूरा भीगा हुआ था इस दौरान वह नंगे तार की चपेट में आ गया. पत्नी बकरी लाने के लिए खेत की ओर गयी हुई थी. उसकी पत्नी जब घर लौटी तो पति को तार से लटका हुआ पाया. इसके बाद पत्नी शोर मचाने लगी. तभी आसपास के लोगों ने किसी तरह उसे तार से छुड़ाया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. इसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. सदर अस्पताल में शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है.
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