बेमौसम आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बागवानी को भारी नुकसान की आशंका

बेमौसम आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बागवानी को भारी नुकसान की आशंका

लोहरदगा़ फरवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है. सोमवार की देर रात आये आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने लोहरदगा जिले के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. मंगलवार की सुबह घने कोहरे की चादर ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया. कोहरे का आलम यह था कि सुबह 10 बजे तक दृश्यता इतनी कम रही कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा. छात्र-छात्राओं की बढ़ी परेशानी : इस बदलते मौसम का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ा, जिन्हें घने कोहरे के बीच आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ने की आशंका है. फलों की बागवानी के लिए काल बनी बारिश : वहीं, इस बारिश का मिला-जुला असर किसानों के चेहरे पर दिख रहा है. आंधी-पानी से बागवानी करने वाले किसान मायूस हैं, क्योंकि पेड़ों में आये मंजर इस तेज हवा को झेल नहीं पाये. किसानों ने बताया कि आम व अन्य फलों के पेड़ों में मंजर आने से वे उत्साहित थे, लेकिन अब मंजर झड़ने से फलों के उत्पादन में भारी कमी आने की प्रबल संभावना है. गेहूं और सरसों के लिए वरदान : दूसरी ओर, गेहूं, सरसों और अरहर की खेती करने वाले किसान इस बारिश को संजीवनी मान रहे हैं. खेतों में लहलहाती फसल और सब्जियों के लिए यह नमी अमृत साबित होगी. बहरहाल, प्रकृति के इस अनिश्चित व्यवहार ने किसानों को दुविधा में डाल दिया है.

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Published by: Shailesh ambashtha

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