कुड़ू़ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा प्रदान संस्था ने शनिवार को कचरा निस्तारण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की. इसमें संबंधित पंचायतों के मुखिया, जलसहिया और अन्य प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि पंचायतों को स्वच्छ रखना सामूहिक जिम्मेदारी है. संग्रहण और निस्तारण की नयी व्यवस्था : प्रशिक्षण में बताया गया कि घरों के बाहर लगी जालियों में जमा कचरा विभाग द्वारा आवंटित वाहनों और ठेलों के जरिये एकत्र किया जायेगा. यह कचरा पहले पंचायत स्तर के स्टोर में जमा होगा और फिर निस्तारण के लिए प्रखंड स्तरीय कैंप भेजा जायेगा. गांव में कचरा उठाव के लिए वाहन चालकों की बहाली ग्राम सभा के माध्यम से मुखिया करेंगे. मानदेय के लिए शुल्क का प्रस्ताव : चालकों के मानदेय भुगतान को लेकर प्रत्येक घर से प्रतिदिन एक रुपये यानी 30 रुपये मासिक शुल्क लेने का सुझाव दिया गया. इस राशि की वसूली के लिए ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर जलसहिया या महिला समूह की दीदियों को कमीशन पर नियुक्त किया जा सकता है. वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है, इसलिए इसमें जनभागीदारी अनिवार्य है. कार्यशाला में जिला समन्वयक परवेज आलम, प्रदान की नवलीन कौर, मुखिया सुषमा देवी, ललिता देवी, राजमुनी देवी, चेमनी टोप्पो, ललिता उरांव, दिलीप उरांव सहित पंचायत सचिव अनिता कुमारी, मुमताज अहमद, पीएचइडी समन्वयक प्रभा कुमारी और काफी संख्या में जलसहिया व महिला समूह की सदस्य मौजूद थीं.
हर घर से वसूला जायेगा 30 रुपये मासिक स्वच्छता शुल्क
हर घर से वसूला जायेगा 30 रुपये मासिक स्वच्छता शुल्क
