अमित राज की रिपोर्ट
कुड़ू (लोहरदगा): रक्षाबंधन के अवसर पर लोहरदगा वन प्रमंडल की ओर से कुड़ू-लोहरदगा मुख्य पथ स्थित कड़ाक जंगल में अनूठी और प्रेरणादायक पहल की गयी. वन विभाग द्वारा आयोजित वृक्ष रक्षा बंधन कार्यक्रम में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी आजीवन रक्षा का संकल्प लिया. कार्यक्रम के दौरान हाथों में लाल रक्षा सूत्र और बैनर पर ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ लिखा हुआ था.
जंगल झारखंड की पहचान, हरियाली बचाना जरूरी
कार्यक्रम का शुभारंभ उपप्रमुख ऐनुल अंसारी ने साल के पेड़ को रक्षा सूत्र बांधकर किया. उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ पेड़ को राखी नहीं बांधी, बल्कि आनेवाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का वचन लिया है. पेड़ हमारे भाई के समान हैं, जो बिना कुछ कहे हमें जीवनभर ऑक्सीजन, छाया और जीवन देते हैं. इनकी रक्षा करना हर कुड़ूवासी का धर्म है.
उपप्रमुख ने कहा कि झारखंड की पहचान उसके जंगलों से है और लोहरदगा की पहचान उसकी हरियाली है. इसे बचाने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा. जंगल और पेड़ों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी.
ये भी पढ़ें- रिम्स में MBBS की 250 सीटों पर आज से नामांकन, जानें किस दिन किसका होगा एडमिशन
पेड़ों से भावनात्मक जुड़ाव है कार्यक्रम का उद्देश्य
प्रभारी वनपाल पंकज कुमार सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जंगल और पेड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ना है. जिस तरह एक बहन अपने भाई की रक्षा के लिए राखी बांधती है, उसी तरह आज पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया गया है. उन्होंने ग्रामीणों से वन विभाग के साथ मिलकर जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की. साथ ही प्रत्येक पेड़ को अपने परिवार के सदस्य के समान मानकर उसकी रक्षा करने का आह्वान किया. कार्यक्रम में संदीप कुमार राम, राजी अंसारी, मनौव्वर अंसारी, प्रयाग महली, गौतम राम, देवेंद्र लोहरा, राजेश उरांव, इरशाद अंसारी, सिकंदर उरांव, बबलु खान सहित अन्य वनकर्मी और ग्रामीण उपस्थित थे.
