लोहरदगा़ जिले में पिछले चार दिनों से हो रहे मौसम के मिजाज में बदलाव ने किसानों की कमर तोड़ दी है. रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण रबी की तैयार फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच गयी हैं. मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का सबसे ज्यादा असर सेन्हा प्रखंड में देखा जा रहा है. खेतों में पानी भर जाने से गेहूं की फसल भीग गयी है, जिससे कटाई और मड़ाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है. किसानों को डर है कि यदि जल्द धूप नहीं निकली, तो दाने काले पड़ जायेंगे और उत्पादन में भारी गिरावट आयेगी. सब्जी की खेती को भी व्यापक नुकसान : खेतों में जलजमाव के कारण सब्जी की खेती को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है़ टमाटर, फूलगोभी, मिर्च, बैंगन, फ्रेंचबीन जैसी फसलें सड़ने लगी हैं. किसान राजदेव साहू ने बताया कि खेतों में काटकर रखी गयी गेहूं की फसल भीगने से भारी आर्थिक क्षति हुई है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जतायी है, जिससे किसान अब प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाये बैठे हैं. आम की फसल को भी भारी क्षति : आंधी और बारिश ने आम की पैदावार पर भी बुरा असर डाला है. तेज हवाओं के कारण पेड़ों से टिकोले (कच्चे फल) टूटकर गिर गये हैं. इस बार किसान आम की बेहतर फसल की उम्मीद लगाये बैठे थे, लेकिन मौसम की मार ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है. बाजारों में छायी वीरानी, शीतल पेय की मांग घटी : बिगड़ते मौसम के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा है. तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन फ्रिज, एसी और कूलर की बिक्री पर ब्रेक लग गया है. शीतल पेय और आइसक्रीम के दुकानदार भी ग्राहकों के इंतजार में हैं. बिजली व्यवस्था चरमरायी, कई इलाकों में अंधेरा : आंधी-पानी के कारण बिजली आपूर्ति अनियमित हो गयी है. ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गये हैं और तारों पर पेड़ों की डालियां गिरने से फॉल्ट की समस्या बढ़ गयी है. बिजली विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुटी.
बेमौसम बारिश से किसान बेहाल, खेतों में भीग रही गेहूं की फसल
बेमौसम बारिश से किसान बेहाल, खेतों में भीग रही गेहूं की फसल
