जिले में गैस की किल्लत से आम व खास सभी परेशान

जिले में गैस की किल्लत से आम व खास सभी परेशान

लोहरदगा़ जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत ने आम और खास हर वर्ग की रसोई का बजट और सुकून बिगाड़ दिया है. आलम यह है कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण इलाकों में 45 दिनों के लंबे अंतराल के बाद रिफिल के लिए नंबर लग रहा है. इस अव्यवस्था से घरेलू उपभोक्ता बेहद परेशान हैं. हैरानी की बात यह है कि लंबी प्रतीक्षा के बाद नंबर लगाने के बावजूद लोगों को सिलेंडर के लिए सप्ताह भर का अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है. गैस काउंटरों पर उमड़ रही भारी भीड़ : गैस वितरण केंद्रों और काउंटरों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोग अपना जरूरी काम छोड़कर दिन भर नंबर लगाने और सिलेंडर पाने की जुगत में लगे रहते हैं. अत्यधिक भीड़ और कुप्रबंधन के कारण उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप रहा है, लेकिन स्थिति यह है कि वे अपनी शिकायत लेकर जायें भी तो कहां. जंगलों से लकड़ी चुनने को मजबूर हुए ग्रामीण : ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के बाद बुकिंग की सूचना ने लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था की ओर धकेल दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि एक सिलेंडर किसी भी हाल में डेढ़ महीने नहीं चल सकता. ऐसे में मजबूरन लोग एक बार फिर पुरानी व्यवस्था की ओर लौट रहे हैं और जंगलों से सूखी लकड़ियां व टहनियां चुनकर ला रहे हैं. गैस चूल्हे की आदत पड़ चुकी गृहिणियों के लिए धुएं के बीच खाना बनाना अब एक बड़ी मजबूरी बन गया है. कुल मिलाकर, गैस की यह समस्या जिले में एक बड़े संकट का रूप ले चुकी है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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