बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों को भारी नुकसान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों को भारी नुकसान

लोहरदगा़ जिले में पिछले पांच दिनों से जारी बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. शनिवार को हुई जोरदार आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है. खेतों में तैयार खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान की आशंका है, वहीं आम के पेड़ों में लगे मंजर भी झड़ गये हैं. रविवार सुबह घना कुहासा छाये रहने के कारण सड़कों पर दृश्यता कम रही, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई. सब्जी की खेती पर पड़ी आर्थिक मार : बेमौसम बरसात के कारण जिले में एक बार फिर ठंड लौट आयी है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. गर्जन के साथ हो रहे वज्रपात से आम लोग भयभीत हैं. सबसे ज्यादा मार सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर पड़ी है. किसानों का कहना है कि महंगे खाद और उन्नत बीजों के इस्तेमाल के बाद फसल तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब तहस-नहस कर दिया. इस प्राकृतिक आपदा से अन्नदाताओं को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है. सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में नहीं रहते हैं कर्मचारी, मरीज परेशान

लोहरदगा. लोहरदगा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक अक्सर बंद रहता है. यहां कार्यरत कर्मचारियों के रवैये से लोग परेशान हैं. रविवार को मरीजों के परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि यहां का ब्लड बैंक बंद था. यहां कार्यरत कर्मचारी विकास को लोगों ने फोन किया तो उसने कहा कि आ रहा हूं लेकिन बाद में उसने फोन स्विच ऑफ कर लिया. लोगों ने कहा कि लोहरदगा में स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रहा है. कहने को तो यहां बड़े-बड़े नेता हैं लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था पर किसी की भी नजर नहीं है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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