कुड़ू़ प्रखंड के बड़की चांपी पंचायत अंतर्गत बंदुआ गांव में प्रकृति का महापर्व सरहुल रविवार को पूर्ण भक्ति भाव और उत्साह के साथ मनाया गया. इस मौके पर गांव के पाहन विश्राम भगत और पुजार रमेश भगत ने विधि-विधान से झखरा स्थल पर पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. अनुष्ठान के पश्चात अखड़ा में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर सामूहिक नृत्य-संगीत का आयोजन किया गया. पारंपरिक वेशभूषा में थिरके ग्रामीण : बंदुआ अखड़ा और बंदुआ बर टोली अखड़ा में ग्रामीणों ने अपनी समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए देर शाम तक नृत्य किया. मौके पर आदिवासी छात्र संघ के जिला अध्यक्ष अवधेश उरांव ने कहा कि सरहुल प्रकृति और मानव के अटूट संबंध का प्रतीक है. इस दौरान फुलमनी देवी, प्रदीप भगत, धर्मदेव भगत और कौशल्या देवी सहित दर्जनों समाजसेवियों ने पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला. संपूर्ण क्षेत्र सरहुल के गीतों से गुंजायमान रहा. कार्यक्रम में पड़हा बेल विजय उरांव, वार्ड सदस्य गीता भगत, ग्राम प्रधान अंबिका टाना भगत, जतरू उरांव, सुनील टाना भगत सहित काफी संख्या में महिला-पुरुष, बच्चे-बच्चियां आदि उपस्थित थे. रामनवमी पर्व को लेकर पुलिस ने किया फ्लैग मार्च सेन्हा़ रामनवमी पर्व के मद्देनजर थाना प्रभारी के नेतृत्व में सेन्हा पुलिस के जवानों ने देर शाम फ्लैग मार्च किया़ इस दौरान उपद्रवियों एवं असामाजिक तत्वों से निपटने को लेकर शक्ति प्रदर्शन किया. फ्लैग मार्च वैसे क्षेत्रों में किया गया जो पर्व में संवेदनशील के रूप में चिह्नित है. फ्लैग मार्च गुमला मुख्य मार्ग से होते हुए सेन्हा के अमन चौक तक भ्रमण किया. फ्लैग मार्च में एएसआइ श्रीकांत दस, रविंद्र बैठा, प्रदीप कुमार यादव सहित पुलिस जवान शामिल थे.
बंदुआ गांव में प्रकृति पर्व सरहुल की धूम, झखरा स्थल पर हुई विशेष पूजा

बंदुआ गांव में प्रकृति पर्व सरहुल की धूम, झखरा स्थल पर हुई विशेष पूजा
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बंदुआ गांव में प्रकृति पर्व सरहुल की धूम, झखरा स्थल पर हुई विशेष पूजा