किस्को़ प्रखंड मुख्यालय में प्रकृति पर्व सरहुल मिलन समारोह सह भव्य शोभायात्रा सांसद प्रतिनिधि दयानंद उरांव की अगुवाई में हर्षोल्लास के साथ निकाली गयी. कार्यक्रम की शुरुआत आवासीय विद्यालय के समीप लाबजी बगीचा से हुई, जहां क्षेत्र के पहान, पुजार और काफी संख्या में ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित हुए. आयोजन का शुभारंभ अतिथियों को शॉल व बैच भेंट कर और प्रसाद के रूप में चना-गुड़ वितरण के साथ किया गया. मांदर की थाप और सरई फूलों की खुशबू : शोभायात्रा लाबजी बगीचा से शुरू होकर किस्को चौक और थाना होते हुए पुनः उसी स्थान पर संपन्न हुई. इस दौरान मांदर की थाप और डीजे की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और सरई फूल भेंट कर पर्व की बधाई दी. नृत्य मंडलियों ने अपने पारंपरिक परिधानों में आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया. सांस्कृतिक संरक्षण ही समाज की पहचान : मुख्य अतिथि दयानंद उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, पहनावे और रहन-सहन से है. इसे संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने समाज से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया. सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. मौके पर अंजू देवी, जगदेव उरांव समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
प्रकृति पर्व सरहुल पर उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक शोभायात्रा में थिरके ग्रामीण
प्रकृति पर्व सरहुल पर उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक शोभायात्रा में थिरके ग्रामीण
