संस्कृति को संजोये रखने में जतरा का योगदान महत्वपूर्ण : दयानंद

संस्कृति को संजोये रखने में जतरा का योगदान महत्वपूर्ण : दयानंद

किस्को़ परहेपाठ पंचायत के दरंगा टोली गांव में ग्रामीणों के सहयोग से कार्तिक जतरा का शुभारंभ किया गया. गांव में प्रथम वर्ष इस जतरा के आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह और हर्ष का माहौल देखा गया. जतरा में विभिन्न गांवों की खोड़हा टीमों ने हिस्सा लिया और पारंपरिक नृत्य व संगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं. ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सांसद प्रतिनिधि दयानंद उरांव ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकजुटता बढ़ती है और पारंपरिक संस्कृति को नयी ऊर्जा मिलती है. उन्होंने कहा कि पूर्वजों के सपनों को साकार रखने के लिए संस्कृति, खेल और गीत-संगीत को संजोकर रखना आवश्यक है. समाज के अगुवा और पड़हा संस्कृति को जीवंत बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. श्री उरांव ने कहा कि आधुनिक युग में नयी पीढ़ी अपनी संस्कृति से दूर होती जा रही है, इसलिए इस तरह के आयोजन से समाज के बच्चों को अपनी परंपराओं की जानकारी मिलेगी. उन्होंने समाज के लोगों से ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. मौके पर रामकिशोर उरांव, मतीश गोप, भूखन लोहरा, सोहन कुमार, रमेश समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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