लोहरदगा़ प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से ईंधन संरक्षण और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सार्वजनिक अपील के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. लोहरदगा के कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की उस मांग का पुरजोर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों पर संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है. सांसद भगत ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे बड़ी ताकत है. चर्चा से ही निकलेगा समाधान : सुखदेव भगत ने कहा कि देश जब भी किसी प्रकार की चुनौती या कठिन परिस्थिति का सामना कर रहा हो, तब संसद में व्यापक विचार-विमर्श होना आवश्यक है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष कभी विपक्ष को गंभीरता से नहीं लेता, जबकि देशहित के मुद्दों पर दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. प्रधानमंत्री का खुद जनता से ईंधन बचाने और घर से काम करने की अपील करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश की आर्थिक या संसाधन संबंधी स्थिति सामान्य नहीं है. पारदर्शिता और साझा रणनीति जरूरी : सांसद ने जोर देकर कहा कि सरकार को विशेष सत्र बुलाकर देश की वास्तविक स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर सभी दलों के साथ चर्चा करनी चाहिए. संसद में बहस और संवाद से न केवल जनता को सही जानकारी मिलती है, बल्कि सरकार को भी बेहतर और संतुलित निर्णय लेने में मदद मिलती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है, जहां हर ज्वलंत मुद्दे पर पारदर्शिता के साथ चर्चा होनी चाहिए ताकि समाधान का साझा मार्ग प्रशस्त हो सके.
केंद्र सरकार ईंधन संकट पर संसद का विशेष सत्र बुलाये : सुखदेव भगत
केंद्र सरकार ईंधन संकट पर संसद का विशेष सत्र बुलाये : सुखदेव भगत
