भंडरा/लोहरदगा. नशा मुक्ति आंदोलन, अंध विश्वास, सामाजिक कुरीति, डायन बिसाही सहित अन्य आदिवासी सामाजिक समस्याओं को लेकर 31 दिसंबर को भंडरा में आयोजित आदिवासी सरना धर्म सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. सम्मेलन की तैयारी की समीक्षा बैठक भैसमुंदो गांव में धरती पहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई. आदिवासी सरना धर्म महासम्मेलन के मुख्य अतिथि मानव अधिकार संस्थान नयी दिल्ली के अध्यक्ष डॉ सकरा मुंडा होंगे. कार्यक्रम का प्रचार प्रसार व आदिवासी कुरीतियों को दूर करने के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु पड़हा जनजाति कला संस्कृति के माध्यम से नुक्कड़ नाटक का आयोजन करने का निर्णय लिया गया. यह जानकारी देते हुए अध्यक्ष तिवारी उरांव ने बताया कि कार्यक्रम में लोहरदगा जिला के अलावा गुमला, सिसई,भरनो व रांची जिला के बेड़ो, मांडर, चान्हो प्रखंड के लोग भी भाग लेंगे.
आदिवासी सरना धर्म सम्मेलन 31 को
भंडरा/लोहरदगा. नशा मुक्ति आंदोलन, अंध विश्वास, सामाजिक कुरीति, डायन बिसाही सहित अन्य आदिवासी सामाजिक समस्याओं को लेकर 31 दिसंबर को भंडरा में आयोजित आदिवासी सरना धर्म सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. सम्मेलन की तैयारी की समीक्षा बैठक भैसमुंदो गांव में धरती पहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई. आदिवासी सरना धर्म […]
