मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण में 24 प्रशिक्षणार्थियों को मिले प्रमाण-पत्र

मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण में 24 प्रशिक्षणार्थियों को मिले प्रमाण-पत्र

लोहरदगा़ बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), लोहरदगा द्वारा आयोजित 10 दिवसीय निःशुल्क मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को विधिवत समापन हुआ. इस अवसर पर आयोजित समारोह में अग्रणी जिला प्रबंधक नितिन किशोर तथा आरसेटी निदेशक सुरेश भगत ने सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये. अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम है मशरूम की खेती : समारोह को संबोधित करते हुए अग्रणी जिला प्रबंधक नितिन किशोर ने कहा कि वर्तमान समय में मशरूम के व्यंजन अत्यंत लोकप्रिय हो चुके हैं. इसकी उच्च गुणवत्ता और पौष्टिकता के कारण बाजार में मांग निरंतर बढ़ रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि मशरूम की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय अर्जित करने और जीवन स्तर में सुधार लाने का एक सशक्त माध्यम है. श्री किशोर ने यह भी जानकारी दी कि इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए बैंकों द्वारा ऋण सुविधा भी उपलब्ध करायी जाती है. इच्छुक व्यक्ति अपनी नजदीकी बैंक शाखा या आरसेटी कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं. कम पूंजी में स्वरोजगार की बेहतर संभावना : आरसेटी निदेशक सुरेश भगत ने बताया कि मशरूम की खेती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे कम पूंजी और कम स्थान में भी सुगमता से प्रारंभ किया जा सकता है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बटन, ऑयस्टर और मिल्की मशरूम की विभिन्न किस्मों के उत्पादन का सैद्धांतिक व व्यावहारिक ज्ञान दिया गया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये कुल 24 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र के साथ मशरूम बीज (स्पॉन) भी प्रदान किया गया. यह प्रशिक्षण विशेषज्ञ मनोहर कुमार प्रभाकर द्वारा दिया गया. मौके पर संस्थान के संकाय सदस्य राजीव कुमार और दीपक कुमार भी मौजूद थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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