अधिकारी और जनप्रतिनिधि पानी के बजाय आश्वासन का घूंट पिला रहे हैं
लोहरदगा : लोहरदगा में पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत नहीं मिल रही है. अहले सुबह से लेकर देर रात तक लोग पानी की जुगाड़ में लगे हैं. महिलाएं बच्चे भी पानी ढोते देखे जा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि पानी की व्यवस्था के बजाये जनता को बेवकूफ बनाने में लगे हैं.
नगर परिषद क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में अब तक पाइप लाइन भी नहीं पहुंची है. हर बार जल संकट उत्पन्न होने पर टैंकर से जलापूर्ति होती थी, लेकिन इस बार कुछ ही इलाको में एक-दो टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि नगर परिषद के पास 19 टैंकर हैं.
पानी के नाम पर प्रतिवर्ष नगर परिषद में लाखों रुपये का वारा न्यारा होता है. पानी की तरह पैसा खर्च करने की बात कही जाती है, लेकिन व्यवस्था सुधारने के बजाये और बिगड़ती जा रही है. कभी कहा जाता है कोयल नदी में गड्ढा खोद कर पानी की आपूर्ति होगी, इसमें पैसा खर्च हुआ. अब कहा जा रहा है कि इंटक वेल तैयार हो जा रहा है, तो पानी की आपूर्ति होगी. लोहरदगा में इस तरह की अव्यवस्था कोई नयी नहीं है. पिछले वर्ष भी जल संकट हुआ था तो 26 अप्रैल 2018 को विधायक सुखदेव भगत नगर परिषद के पानी के संवेदक के साथ कोयल नदी गये थे और कई निर्देश दिये थे. लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हुआ.
एक वर्ष में जल संकट के निदान को लेकर एक कदम भी नगर परिषद आगे नहीं बढ़ा. यदि पिछले वर्ष ही इसे गंभीरता से लिया जाता तो नदी में गड्ढा खोदने की जरूरत नहीं पड़ती. हैरत है कि पानी के मामले में नगर परिषद के अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक एक संवेदक के भरोसे हैं. कारण चाहे जो भी हो. जनता प्यासी है और अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उन्हें पानी के बजाय आश्वासन का घूंट पिलारहे हैं.
