बोरो प्लेयर का रोल महत्वपूर्ण रहा है लोहरदगा सीट पर

लोहरदगा : कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाने वाला लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में पिछले दो बार से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है. लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में हमेशा रोचक मुकाबला होता रहा है. मुकाबला आमने-सामने के बजाय त्रिकोणात्मक होता है. सीधी टक्कर से यहां का समीकरण बदल जाता है़ इसलिए कुछ दल हमेशा एक बोरो […]

लोहरदगा : कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाने वाला लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में पिछले दो बार से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है. लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में हमेशा रोचक मुकाबला होता रहा है. मुकाबला आमने-सामने के बजाय त्रिकोणात्मक होता है. सीधी टक्कर से यहां का समीकरण बदल जाता है़ इसलिए कुछ दल हमेशा एक बोरो प्लेयर को चुनाव मैदान में उतारते हैं.

वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा से सुदर्शन भगत दूसरी बार किस्मत आजमा रहे थे. तो कांग्रेस से पूर्व सांसद डॉ रामेश्वर उरांव चुनाव मैदान में डटे थे. इन दोनों के बीच तृणमूल कांग्रेस के टिकट से विशुनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चमरा लिंडा चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे थे. इनके चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणात्मक हो गया.

इस चुनाव में 2 लाख 26 हजार 666 वोट सुदर्शन भगत को मिला और वे दूसरी बार लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुन कर दिल्ली गये. वहीं कांग्रेस के डॉ रामेश्वर उरांव 2 लाख 20 हजार 177 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे. चमरा लिंडा के चुनाव मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया था. कांग्रेस पार्टी को जोर का झटका धीरे से लगा था.

इस बार भाजपा ने पुन: सुदर्शन भगत को चुनाव मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. कांग्रेस पार्टी में टिकट के पांच दावेदार हैं और सभी दिल्ली में चुनाव चिह्न लाने के लिए कैंप किये हुए हैं.

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