नंदनी नदी में इंटेक वेल खोदने का ग्रामीणों ने किया विरोध, निर्माण कार्य अवरुद्ध

कैरो/लोहरदगा : कैरो प्रखंड मुख्यालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से 11 करोड़ रुपये की लागत से हो रही जलापूर्ति इंटेकवेल निर्माण को लेकर कुछ गांवों के ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है. इस योजना से कुडू प्रखंड के कोलसिमरी पंचायत के उमरी, सिंजो, बारडीह, सुकरहुटू एवं कैरो पंचायत के कैरो, बिराजपुर, जमुंटोली, उतका […]

कैरो/लोहरदगा : कैरो प्रखंड मुख्यालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से 11 करोड़ रुपये की लागत से हो रही जलापूर्ति इंटेकवेल निर्माण को लेकर कुछ गांवों के ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है. इस योजना से कुडू प्रखंड के कोलसिमरी पंचायत के उमरी, सिंजो, बारडीह, सुकरहुटू एवं कैरो पंचायत के कैरो, बिराजपुर, जमुंटोली, उतका पेयजलापूर्ति से लाभान्वित होंगे. परन्तु नंदनी नदी में इंटेक वेल खोदने को लेकर कुछ गांव के ग्रामीणो द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है. इससे संवेदक को कार्य पूरा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

कुडू प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य कुडू क्षेत्र में होगा और इसका लाभ कुडू को कम और कैरो को ज्यादा मिलेगा. इसी सोच को लेकर विरोध किया जा रहा है. बीते दिन इस विरोध को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ वार्ता की. वार्ता में कुडू सीओ कमलेश उरांव, पेयजल स्वच्छता विभाग के एसडीओ राजकुमार, जेइ सुमन खलखो, मुखिया जतन भगत उपस्थित थे. काफी देर विचार-विमर्श के बाद ग्राम प्रधान और मुखिया ने रात में ग्रामीणों के साथ बैठक कर लोगों को समझाने की बात कही है.
ज्ञात हो कि इससे पूर्व बीते वर्ष चार दिसंबर को अधिकारियों और कैरो, सिंजो, सुकरहुटू एवं उमरी गांव के ग्रामीणों के बीच घंटो चली वार्ता के बावजूद कोई निष्कर्ष नहीं निकला था और अधिकारियों को लौटना पड़ा था. गौरतलब है कि ग्रामीण पेयजल योजना के तहत कुडू प्रखंड के कोलसिमरी पंचायत एवं कैरो प्रखंड के कैरो और उत्का गांव तक पाइप लाइन बिछाकर पेयजल उपलब्ध कराने की विभाग ने योजना बनायी है.
जिससे कोलसिमरी पंचायत के चार गांव एवं कैरो के दो गांव लाभान्वित होंगे. जिसके लिए उमरी गांव के नीचे कोयल नदी पर इंटेक वेल स्थापित किया जाना था. परंतु ग्रामीणों के लगातार विरोध के कारण नंदनी नदी में सुकूरहुटू के समीप इंटेक वेल बनाने के लिए स्थल निरीक्षण किया गया. इस पर ग्रामीणों ने सहम्मति भी जतायी थी.
लेकिन जैसे ही वहां इंटेक वेल बनाने का काम शुरू किया गया. निर्माण स्थल पर उमरी, सुकुरहुट्टू, बसरी, जामुनटोली, नदीनगडा, बारीडीह और सिंजो के ग्रामीण पहुंच गये तथा इस बात पर अड़ गये कि जब पानी हमारे गांव और पंचायत के लिए पर्याप्त नहीं है तो ऐसे में दूसरे प्रखंड में पानी नहीं जाने देंगे.
कैरो प्रखण्ड में निर्माण कार्य देख रहे बीपी वर्मा एवं निराला संत ने बताया कि दोनो प्रखंडों के लोगों की सहमति आवश्यक है. निर्माण कार्य बीच में रोके जाने से निर्माण कार्य ससमय पूरा करना मुश्किल हो जायेगा. उन्होंने बताया कि रात में ग्राम प्रधान और मुखिया ग्रामीणों के साथ बैठक कर सहम्मति बनाने के संबंध में बात कही थी. लेकिन अभी तक उधर से कोई सूचना नहीं दी गयी है.

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