शहतूत की खेती कर दोगुनी आय कर सकते हैं किसान

लोहरदगा : रेशम अनुसंधान केंद्र में वार्षिक किसान मेला लगाया गया. अतिथि के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक शंकर कुमार सिंह, रेशम अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ घनश्याम सिंह, डॉ अनिल कुमार वर्मा, हेमंत कुमार पांडेय, अखिलेश्वर प्रसाद मौजूद थे. इसका शुभारंभ अतिथियों ने दीप जला कर किया. मेला में लोहरदगा, गुमला व […]

लोहरदगा : रेशम अनुसंधान केंद्र में वार्षिक किसान मेला लगाया गया. अतिथि के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक शंकर कुमार सिंह, रेशम अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ घनश्याम सिंह, डॉ अनिल कुमार वर्मा, हेमंत कुमार पांडेय, अखिलेश्वर प्रसाद मौजूद थे. इसका शुभारंभ अतिथियों ने दीप जला कर किया. मेला में लोहरदगा, गुमला व लातेहार के किसान शामिल हुए. मौके पर डॉ शंकर कुमार सिंह ने रेशम कीट उत्पादन की जानकारी देते हुए कहा कि रेशम कीट सबसे अधिक शहतूत के पौधे पर होते है.

किसान शहतूत की खेती कर दोगुनी आय प्राप्त कर सकते है. किसान इस खेती से बाजारों में शहतूत की बिक्री कर ही सकते है. साथ ही रेशम कीट का उत्पादन भी कर सकते है. उन्होंने रेशम कीट का बाजार उपलब्ध होने की जानकारी किसानों को दी. मौके पर रेशम विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा कृषकों को राज्य सरकार द्वारा दी जानेवाली सुविधा की जानकारी दी गयी. संचालन चंदन कुमार भारती द्वारा किया गया. बेहतर कार्य रेशम उत्पादन करनेवाले किसानों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया.

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