एसपी ने कहा, जिले से अपराध और उग्रवाद काे खत्म करना पहली प्राथमिकता
लोहरदगा : उग्रवादी या तो आत्मसमर्पण करें या फिर पुलिस की गोली खाने को तैयार रहें. उक्त बातें एसपी प्रियदर्शी आलोक ने उग्रवाद प्रभावित पेशरार इलाके के दौरे के क्रम में कही. उन्होंने कहा कि जिले से अपराध और उग्रवाद का खात्मा करना उनकी पहली प्राथमिकता है. पेशरार जो कभी उग्रवादियों का गढ़ माना जाता था. वहां आज थाना की स्थापना कर दी गयी है. लोगों का विश्वास पुलिस के प्रति बढ़ा है. पुलिस इस क्षेत्र का विकास जिला प्रशासन के साथ मिल कर करना चाहती है. उन्होंने कहा कि रवींद्र गंझू ने अभी आत्मसमर्पण नहीं किया है और यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करेगा तो पुलिस उसे अपनी भाषा में जवाब देगी.
एसपी ने कहा कि पेशरार इलाके को प्रकृति ने बड़े ही मनोयोग से सजाया-संवारा है. यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं. यहां के पर्यटन स्थलों को विकसित कर विश्व के मानचित्र पर लाया जायेगा. उन्होंने कहा कि लोहरदगा जिला में पेशरार का इलाका एक मुकूट के समान है और इस क्षेत्र को और विकसित किया जायेगा. एसपी ने नक्सल प्रभावित पेशरार के दौरे के क्रम में पेशरार थाना का निरीक्षण किया. उनके साथ सीआरपीएफ 158 बटालियन के द्वितीय कमांड अधिकारी राजेश चौहान, एसपी अभियान विवेक कुमार ओझा भी मौजूद थे. अधिकारियों ने सीआरपीएफ 158 बटालियन के केकरांग स्थित कैंप का भी निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने पुलिस के जावानों की हौसला अफजाई की और कहा कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाते रहें. किसी भी कीमत पर उग्रवादी बचने न पाये. जनता अमन-चैन से रहे इसका विशेष ख्याल रखा जाये. एसपी ने कहा कि सोशल पुलिसिंग के तहत नौजवानों को खेल के माध्यम से जोड़ा जायेगा. महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जायेगा. एसपी ने ग्रामीणों के साथ भी बातचित कर उनके विचारों को जाना और उनकी समस्याओ से भी रूबरू हुए.
पेशरार इलाके में हो रहे निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया. मौके पर पेशरार थानेदार जयप्रकाश, बगड़ू के थाना प्रभारी ज्ञानरंजन सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे.
पेशरार के पर्यटन स्थलों को विकसित कर विश्व के मानचित्र पर लाया जायेगा
सोशल पुलिसिंग के तहत नौजवानों को खेल के माध्यम से जोड़ा जायेगा
