लोहरदगा : जिला प्रशासन जिले को कुपोषण मुक्त करने को लेकर तत्पर है. उपायुक्त विनोद कुमार की अगुवाई में प्रशासन ने जिले के करीब 100 बच्चों को गोद लिया है. जिले के हर एक अधिकारी अपने गोद लिए बच्चों का शारीरिक, मानसिक व विकास के लिए पहल कर रहे है. उन बच्चों के लिए दवा, पौष्टिक आहार, कपड़े, खिलौने जैसे अन्य कई जरूरतों की वस्तुओं का इंतजाम किये जा रहे है, ताकि वे बच्चे भी अन्य बच्चों की तरह जिंदगी को खुल कर जिये.
इन चिह्नित बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे है. समय-समय पर उनकी बुद्धि व स्वास्थ्य में सुधार की समीक्षा उपायुक्त विनोद कुमार द्वारा स्वयं की जाती है. उपायुक्त विनोद कुमार पत्नी व बच्चों के साथ अपने गोद लिए बच्चे कुमकुम व आयुष से मिलने किस्को प्रखंड के अरेया गांव पहुंचे.
उपायुक्त ने बच्चे के माता-पिता से उनका हालचाल जाना व स्वास्थ्य सुधार के बारे में जानकारी ली. उन्होंने वहीं पर साथ गये चिकित्सक डॉक्टर शैलेश कुमार व एमओआइसी की टीम से उन बच्चों का स्वास्थ्य जांच करायी तथा सुधार के बारे में जानकारी प्राप्त की.
उपायुक्त ने चिकित्सकों से कहा कि नियमित अंतराल में आकर इन बच्चों की स्वास्थ्य जांच करते रहे. कहा कि सिर्फ उनके द्वारा गोद लिये गये बच्चों का ही नहीं बल्कि जिले के हर एक ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उनका समुचित इलाज करें. उपायुक्त ने उन बच्चों को फल, बिस्कुट, कंबल व आर्थिक सहायता के रूप में नकद राशि भी दी. उन्होंने बच्चों के माता-पिता को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके इलाज में किसी प्रकार की कमी होने नहीं दी जायेगी.
जरूरत है तो बस उनको समय पर सही दवा खिलाने की. माता-पिता नियमित रूप से बताये गये समय के अनुसार उनको स्वास्थ्य केंद्र ले जायें. अरेया गांव के दौरे के क्रम में ही उपायुक्त ने एक और कुपोषित बच्ची शिवानी को फल, कंबल व नकद राशि दी. मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप भगत, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी निर्मला कुमारी कर्ण व संजीव रंजन उपस्थित थे.
