टिकट के लिए तरह-तरह के पैतरे और हथकंडे
लोहरदगा : नगर परिषद चुनाव को लेकर लोग अभी से ही तैयारियों में जुट गये हैं. लोग टिकट पाने के लिए गणेश परिक्रमा करने में लगे हैं. वर्तमान समय में नगर परिषद का चुनाव लड़ने और कांग्रेस का टिकट पाने की इच्छा रखनेवालों की संख्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है.
इसके लिए लोग कांग्रेस के दिग्गज नेता राज्य सभा के पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू के यहां अपना बायोडाटा लेकर पहुंचने लगे हैं. हर कोई खुद को पुराना कांग्रेसी और सच्चा समाजसेवी बता रहा है. कुछ लोग तो बड़े गर्व से श्री साहू को समझा रहे हैं कि उनका खुद चुनाव लड़ने का मूड नहीं था लेकिन पब्लिक के दवाब में उन्हें चुनाव मैदान में उतरना पड़ रहा है.
हालांकि धीरज साहू ने अभी तक न तो किसी को आश्वासन दिया है और न ही कोई वादा ही किया है. श्री साहू ने स्पष्ट कहा है कि कांग्रेस पार्टी में कोई भी निर्णय सामूहिक रूप से होता है. कमेटी द्वारा इस मुद्दे पर बैठक बुलायी जायेगी और निर्णय लिया जायेगा. धीरज साहू की स्पष्टवादिता के बाद लोग दूसरे दरबार में भी हाजरी लगाने पहुंच गये हैं.
कुछ लोग तो नगर परिषद उपाध्यक्ष का टिकट पाने की लालसा में चंद लोगों के लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय रांची पहुंच कर झारखंड के प्रभारी आरपीएन सिंह तथा प्रदेश अध्यक्ष कुमार को बुके थमा कर वापस लोहरदगा लौट आये और खुद का टिकट पक्का बताने लगे हैं. लोहरदगा नगर परिषद में 23 वार्ड है और अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरक्षित है. वैसे में उपाध्यक्ष पद के दावेदारों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गयी है. चुनाव को लेकर खिलाने-पिलाने का दौर भी बदस्तुर जारी है.
जगह-जगह लोग पार्टी दे रहे हैं, हालांकि लोहरदगा जैसे छोटे शहर में हर पार्टी में लगभग एक ही तरह के चेहरे नजर आते हैं. विकास के दावे लगातार किये जा रहे हैं. लोहरदगा की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देने के दावे किये जा रहे हैं. कोई कह रहा है कि सेवा का एक मौका दीजिये, विक्टोरिया तालाब से लेकर ललित नारायण स्टेडियम तक को चकचका देंगे. दिमाग में रोड मैप बना हुआ है सिर्फ उसे धरातल पर उतारने की जरूरत है. पिछले दो कार्यकाल में क्या-क्या कमियां रही, उस पर ज्यादा चर्चा की जा रही है.
जो लोग कभी वार्ड पार्षद थे और अपने मुहल्ले की नली-गली तक ठीक नहीं करा पाये थे वैसे लोग भी आज के चुनाव में उपाध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे हैं. नगर परिषद में प्रधानमंत्री आवास योजना दिला कर खुद का घर बनवा लेने वाले वार्ड पार्षद भी ये कहते नहीं थक रहे हैं कि हमने अपने वार्ड में जितने लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिलाया है और उतने लोग यदि वोट देंगे तो भी मेरी जीत सुनिश्चित है़ जिले में नगर परिषद चुनाव को लेकर हर ओर चर्चा का बाजार गर्म है.
