कुड़ू: प्रखंड में पर्यटन क्षेत्र की असीम संभावनाओं के बीच उपायुक्त विनोद कुमार व एसपी कार्तिक एस के सफल प्रयास से राज्य की दूसरी सबसे ऊंची रेलवे पुलिया व नीचे बहने वाली मोगलदाहा नदी, घने जंगलों के बीच पहाड़ों से गिरते झरने को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर प्रयत्नशील है. 27 नंबर रेलवे पुलिया को चार साल पहले तक कोई जानता नहीं था.
जिले के एसपी कार्तिक एस ने लांग रेंज पेट्रोलिंग के दौरान देखे व चार साल के अंदर राज्य के मानचित्र के पटल पर लाकर खड़ा कर दिया. वर्तमान हालत यह है कि लोहरदगा जिले के अलावा रांची, गुमला, चतरा, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, खुंटी, सिमडेगा, गढ़वा, कोडरमा, रामगढ़, जमशेदपुर समेत राज्य के अन्य जिलों के पर्यटक, व पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा व बिहार से पर्यटक इस जगह की खूबसूरती को देखने आ रहे है. उपायुक्त विनोद कुमार छह माह के भीतर पांच बार दौरा कर चुके है. इतना ही नहीं सर्वेक्षण करा कर पर्यटन विभाग राज्य सरकार को भेज दिये है. प्रखंड के सलगी पंचायत के घने जंगलो के बीच बने 27 नंबर रेलवे पुलिया का निर्माण मोगलदाहा नदी में किया गया था. क्षेत्र में उग्रवादियों की तूती बोलती थी.
रेलवे पुलिया के निर्माण में कई बार बाधा भी डाला गया. भय इस कदर हावी था कि शाम में जाना तो दूर दिन में भी लोग इस सड़क से गुजरने से भय खाते थे. पुलिया का निर्माण पूरा होने के बाद तक कोई मोगलदाहा नदी के संबंध में जानता तक नहीं था. रेलवे परिचालन के लिए दर्जनों बार पुलिया के ऊपर से ट्रायल किया गया, लेकिन घने जंगलों के बीच गिरते झरने व जंगल की खूबसूरती को नहीं जान पाये. एसपी कार्तिक एस लांग रेंज पेट्रोलिंग पर निकले थे, पुलिया के नीचे उतर पूरे क्षेत्र का जायजा लिया. एसपी द्वारा निरीक्षण के बाद मोगलदाहा नदी की तसवीर व तकदीर बदलनी शुरू हो गयी. क्षेत्र में पुलिस गश्ती बढ़ा दी गयी. पुलिस पिकेट के जवानों को क्षेत्र में पर्यटकों को घूमने की आजादी देने का आदेश हो गया. एसपी कार्तिक एस ने क्षेत्र पर एक लघु फिल्म बनावायी. फिर क्या था, जिला प्रशासन ने क्षेत्र को पर्यटक स्थल बनाने के लिए शंख नदी लोहरदगा से लुकुइया तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया . इसके बाद डीसी व एसपी लगातार दौरे करने लगे. वर्तमान में रेलवे पुलिया नंबर 27, पहाड़ों से गिरता मोगलदाही नदी का पानी, घने जंगलों के बीच बना तालाब पर्यटकों की पहली पसंद बन गयी है. राज्य के विभिन्न हिस्सों के अलावा दूसरे राज्य के पर्यटक यहां पहुंच रहे. प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक यहां सपरिवार व स्कूली बच्चे पहुंच रहे है. वन विभाग ने पर्यटक स्थल की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए इंट्री गेट लगाया है व शुल्क लेकर इंट्री दी जा रही है, ताकि खूबसूरती व साफ-सफाई पर खर्च करते हुए मनोरम दृश्य को बरकरार रखा जाये.
पर्यटन मंत्रालय को कराया गया है अवगत वन विभाग जल्द बनायेगा शेड: उपायुक्त
उपायुक्त विनोद कुमार ने बताया कि मोगलदाहा नदी, पहाड़, घने जंगलों की खूबसूरती से पर्यटन मंत्रालय को अवगत करा दिया गया है. इस क्षेत्र को पर्यटनस्थल के रूप मे विकसित करने को लेकर जिला प्रशासन कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा. वन विभाग जल्द एक शेड का निर्माण करेगा, ताकि आनेवाले पर्यटकों को ठहरने की सुविधा मिल सकें. मुख्य पथ से 27 नंबर रेलवे पुलिया तक जानेवाली कच्ची सड़क को पक्कीकरण करने हेतु वन विभाग व पर्यटन विभाग को बता दिया गया है. जिला प्रशासन पर्यटन स्थल बना कर रहेगा.
पूरी सुरक्षा देगी जिला पुलिस, पर्यटक आयेंगे तभी होगा क्षेत्र का विकास: एसपी
एसपी कार्तिक एस ने बताया कि 27 नंबर रेलवे पुलिया, मोगलदाहा नदी पहुंचनेवाले सभी पर्यटकों को पूरी सुरक्षा देगी. वहां पर पुलिस पिकेट में जवान तैनात है. मोगलदाहा नदी के अलावा जहां जिले मे जलप्रपात है, जिला प्रशासन सभी को पर्यटक स्थल बनाने की तैयारी में है. पर्यटक आयेंगे, तो क्षेत्र का नाम होगा. क्षेत्र में रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे. जिला पुलिस सुरक्षा देने को तैयार है.
