जनशक्ति मजदूर यूनियन ललित ओझा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा

लोहरदगा: कमले में संचालित कोयला रैक लोडिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी हो. विकास के साथ स्थानीय लोगों को जोड़ा जाये. विकास के मुद्दे पर मजदूरों का शोषण और राजनीति झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी. उक्त बातें यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सह अखिल भारतीय झारखंड श्रमिक संघ के संयोजक ललित ओझा ने पतराटोली […]

लोहरदगा: कमले में संचालित कोयला रैक लोडिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी हो. विकास के साथ स्थानीय लोगों को जोड़ा जाये. विकास के मुद्दे पर मजदूरों का शोषण और राजनीति झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी.

उक्त बातें यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सह अखिल भारतीय झारखंड श्रमिक संघ के संयोजक ललित ओझा ने पतराटोली स्थित यूनियन कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि बीते दिन विधायक सुखदेव भगत एवं उनके लोगों द्वारा यूनियन के प्रदेश महामंत्री राकेश कुमार सिंह का अपहरण कर जानलेवा हमले की यूनियन निंदा करती है. कमले का दौरा करने के बाद आंदोलन को प्रजातांत्रिक तरीके से तेज किया जायेगा.


उन्होंने कहा कि विधायक सुखदेव भगत द्वारा आदिवासी चेहरा लाकर यूनियन के महामंत्री पर मुकदमा दायर कराया है. विधायक सुखदेव भगत न तो आदिवासियों के हितैषी हैं और न सदानों के. सिर्फ वे पैसे कमाने के होड़ में सारा खेल खेला रहे हैं. रैक लोडिंग में यूनियन द्वारा रंगदारी का कोई मामला नहीं है. आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. विधायक के इशारे पर एक आदिवासी युवक से तथ्यहीन मुकदमा कराया गया है. इसकी जांच करायी जाये तथा झूठा केस अविलंब वापस किया जाये, नहीं तो यूनियन आंदोलन करने को विवश होगी. कमले जैसे गांव में कोयला डंपिंग यार्ड स्थापित कर लोगों को क्या सुविधाएं देनी है, क्या नीतिगत समझौता हुआ इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए. डंपिंग यार्ड के नाम पर आदिवासी किसानों का उपजाऊ खेती को बर्बाद किया जा रहा है. इसे झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी. आजसू के केंद्रीय सचिव सह अखिल झारखंड श्रमिक संघ के संयोजक सूरज अग्रवाल ने कहा कि यदि विधायक की गिरफ्तारी जल्द नहीं हुई, तो जन आंदोलन किया जायेगा.

आजसू नेता कवलजीत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन को कोल डंपिंग यार्ड में हो रही धांधली के संबंध में लिखित सूचना देकर इस पर रोकथाम की मांग की गयी थी, लेकिन जिला प्रशासन की चुप्पी संदेह उत्पन्न कर रही है. मौके पर आजसू पार्टी के अनुसूचित जनजाति महासभा के प्रदेश संयोजक विनोद भगत,आजसू जिला संगठन सचिव विश्वनाथ उराँव, जिला उपाध्यक्ष जयचंद कुजूर, झारखंड जनशक्ति मजदूर युनियन के संजय सिंह परमार, बलिराम, अमित ओझा, बंटी सिंह राजपूत, निधिकांत प्रसाद, झारखंड जनशक्ति मजदूर युनियन के राजेंद्र लोहरा सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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