कुड़ू: प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क रोजगार योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है . इस योजना के शुरू करने के पीछे उद्देश्य था कि एक पंचायत को दूसरे पंचायत से जोड़ना, गांव की सड़कें, जिनका कालीकरण पथ निर्माण विभाग नहीं करा पाता, ऐसी योजनाओं का चयन करते हुए प्रखंड व जिला मुख्यालय को जोड़नेवाली सड़क को मजबूती के साथ कालीकरण करना था, लेकिन प्रखंड में पीएमजीएसवाइ के तहत बननेवाली दो दर्जन ग्रामीण सड़कों का हाल बेहाल है.
कहीं सड़क निर्माण में प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं हो रहा है , तो कहीं चार साल बाद भी सड़क अधूरा है, कहीं एक साल पहले बनी सड़क टूट कर गड्ढे में तब्दील हो रही है. घटिया निर्माण को लेकर प्रखंड के जनप्रतिनिधि आवाज उठाते रहे, लेकिन इनकी आवाज को जिला प्रशासन ने अनसुना कर दिया. बताया जाता है कि पीएमजीएसवाइ से प्रखंड में चीरी चौक से रोचो तक, आरइओ रोड सुकुमार मोड़ से कमले मोड़ तक, टाटी नर्सरी से कोलसिमरी तक, बंदुवा मोड़ से चटकपुर मोड़ तक, बंदुवा मोड़ से बड़की चांपी तक, जीमा से टिको आरइओ रोड तक, सलगी से खम्हार तक, बड़की चांपी से होटवार तक, इसके अलावा अन्य सड़कों का निर्माण हो रहा है. प्रायः सड़कों में प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं हो रहा है.
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे अर्से की मांग के बाद सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाती है, लेकिन विभाग, जिला प्रशासन एवं ठेकेदारों की मनमानी के कारण सड़क निर्माण में अनियमितता के कारण सड़क एक साल बाद ही टूट जाती है. इससे काफी परेशानी होती है. इस संबंध में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है .
