कुड़ू (लोहरदगा): प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र बड़कीचांपी रेलवे स्टेशन व कमले गांव काले हीरे में वर्चस्व को लेकर राजनीति का अखाड़ा बन गया है. मजदूर हितों की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से कमले गांव के समीप धरना पर बैठे झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन के केंद्रीय महामंत्री राकेश कुमार सिंह के साथ मारपीट के बाद धरना में शामिल ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं. मारपीट मामले के बाद धरनास्थल पर पहुंच आजसू नेताओ ने धरने का समर्थन करने की बात कहते हुए आंदोलन को तेज करा दिया. दो रैक लोड होकर कोयला बाहर चला गया है, लेकिन मजदूरों को ना तो काम मिला, ना ही रोजगार देने का कोई माकूल जवाब मिल पाया है.
19 नवंबर को कोयला रैक लोड कराने को लेकर विवाद हो गया था, इसके बाद देव दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि रोहित अग्रवाल ने धरने पर बैठे आंदोलनकारियों से वार्ता कर पांच सूत्री मांगों को दस दिन के भीतर कंपनी से बात करते हुए पूरा कराने का लिखित आश्वासन दिया. इसके बाद रैक लोड होकर संबलपुर के लिए रवाना हो गया. 19 नवंबर की रात्रि झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन के महामंत्री राकेश कुमार सिंह के साथ लोहरदगा पतराटोली में मारपीट की घटना हो गयी.
राकेश कुमार सिंह एवं आंदोलन से जुड़े नेता राजेंद्र लोहरा ने लोहरदगा थाना को लिखित बयान देकर विधायक समेत अन्य पर मारपीट करने एंव अपहरण करने का मामला दर्ज कराया . दुसरी तरफ से भी राकेश कुमार सिंह पर मामला दर्ज कराया गया . कोयला डंपिंड याडे को लेकर मारपीट की घटना होने के बाद बड़की चांपी कोयला डंपिंगवर्चस्व का अखाड़ा बन गया है .
मजदूर हित की बात करने वाले विभिन्न मजदूर संगठन एवं राजनीतिक दलो के नेता मजदूरों के कंधे में बंदूक रख अपनी रोटी सेंकने में व्यस्त हैं. कमले, बड़की चांपी, जरियो, छोटकी चांपी, ओपा के ग्रामीण कई खेमे में बंट गये हैं. सभी नेता मजदूर हित की बात करते हुए जनता को गोलबंद कर अपने खेमे में शामिल करने मे जुटे हैं.
