जब तक हमारे कृषक खुशहाल नहीं होंगे, हम विकास की परिकल्पना पूरा नहीं कर पायेंगे. उन्होंने कहा कि आगामी 2022 तक कृषकों का आय दोगुना किया जायेगा. डीसी श्री कुमार ने कहा कि झारखंड को कृषि लाभोन्मुख बनाकर उद्योग एवं व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत करना है. नीति निर्धारकों एवं योजना निर्माताओं के लिए अति महत्वपूर्ण कार्य बन गया है.
उन्होंने कहा कि इसमें कृषि, पशुपालन, गव्य, मत्स्य, सहकारिता एवं भूमि संरक्षण विभाग को केवल प्रखंड मुख्यालयों में ही नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर किसानों को प्रोत्साहित करें और सरकार की योजनाओं की जानकारी दें. उन्होंने कहा कि मिशन के रूप में इस लक्ष्य को पहुंचाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि शिकायतों का यथाशीघ्र निष्पादन भी करें. डीसी विनोद कुमार ने कृषक मित्रों से कहा कि किसानों को वैज्ञानिक खेती की जानकारी देते हुए श्रीविधि कृषि को अपनाने के लिए प्रेरित करें. कौन से खेत में कौन सा फसल तथा कौन सा बीज लगाना है इसकी भी जानकारी दें. किसानों को यह भी बतायें कि कौन सा खेत में कौन सा बीज अधिक उत्पादन होगा. उपस्थित किसानों को भी कृषि मित्रों एवं कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लेने एवं उनके मार्गदर्शन में खेती करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर किसान दोगुना उत्पादन कर सकते हैं जिससे किसानों को अधिक आय होगी. कार्यक्रम में सरकार द्वारा किसानों के बीच नि:शुल्क सब्सिडी योजना की जानकारी भी दी गयी. किसानों को बतलाया गया कि सरकार द्वारा उन्नत कृषि एवं कृषि को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक यंत्र दिया जाता है. इसका उपयोग किसान करें तो कम मेहनत मे ज्यादा उत्पादन कर सकते हैं. मौके पर उपायुक्त श्री कुमार के द्वारा बीज वितरण, स्वाईल हेल्थ कार्ड, पम्पसेट वितरण व वर्मी कम्पोष्ट वेड आदि का वितरण किया गया. इस अवसर पर कृषि विभाग के वैज्ञानिक शंकर सिंह, कृषि पदाधिकारी, आत्मा के निदेशक तृप्ति तिर्की सहित बड़ी संख्या में कृषक मौजूद थे.
