चापानल में मशीन लगाने के समय वह बोरिंग के भीतर फंस गया इसके बाद ठेकेदार और विभाग के लोगाें ने कभी जलापूर्ति योजना की सुध नहीं ली. इस जलापूर्ति योजना के तहत एक जलमीनार, पाइपलाइन, चार नलकूप , सोलर सिस्टम लगाते हुए समीप के चापानल में मशीन लगा कर सुगमता से शुद्ध पानी देने की योजना थी. इस योजना के तहत लगभग चार लाख रुपये आंवटित किया गया था. पीएचइडी कार्य की क्रियान्वयन एंजेसी थी और विभाग ने कार्य लोहरदगा के ठेकेदार को आंवटित किया था.
पांच माह पहले बनी यह जलापूर्ति योजना निर्माण के बाद से बेकार पड़ा है. नतीजा यह है कि प्रखंड कार्यालय पहुंच रहे ग्रामीण पानी के लिए भटकते फिर रहे हैं. इस संबध में पीएचइडी के कनीय अभियंता रोहित भगत ने कहा कि चापानल में मशीन फंसने के कारण जलापूर्ति नहीं हो पा रही है जल्द ही मशीन को निकालते हुए दूसरा मशीन डाल कर पानी दिया जायेगा. इस संबध में कुड़ू बीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि विभाग को पत्र लिखते हुए जलापूर्ति शुरू करायी जायेगी.
