परिस्थिति को अनुकूल बनाने के लिए सत्संग सुनें

लोहरदगा: शहरी क्षेत्र के अग्रसेन भवन में कथा वाचिका ध्यानमूर्ति किशोरी जी के मुखारविंद से शिव विवाह की चर्चा की गयी. कथा के दौरान शिक्षात्मक चर्चा की गयी. इसमें मानव जीवन में बहुत सी परिस्थितियां आती है उन परिस्थितियों में व्यक्ति धर्म और कर्म साथ लेकर कैसे चले और किस प्रकार धर्म और कर्म को […]

लोहरदगा: शहरी क्षेत्र के अग्रसेन भवन में कथा वाचिका ध्यानमूर्ति किशोरी जी के मुखारविंद से शिव विवाह की चर्चा की गयी. कथा के दौरान शिक्षात्मक चर्चा की गयी. इसमें मानव जीवन में बहुत सी परिस्थितियां आती है उन परिस्थितियों में व्यक्ति धर्म और कर्म साथ लेकर कैसे चले और किस प्रकार धर्म और कर्म को साथ लेकर चल पाये. इन सब बातों को पुराणों के ग्रंथों के महानायकों के द्वारा समझाया जाता है, जिसमें हमें अपनी प्रतिकूल परिस्थिति अनुकूल बनाने में सहायता मिलती है. इसलिए कथा सत्संग जरूर सुनें.

मौके पर शिव विवाह की झांकियां भी निकाली गयी. कथा के मुख्य यजमान विजय अग्रवाल एवं उनकी पत्नी मीरा अग्रवाल थी. इससे पूर्व किशोरी जी महाराज श्रीरामचरितमानस के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह एक सीढ़ीनुमा है श्रीरामचरितमानस, पहले मानस मन पवित्र हो, मन में सुविचार हो तब चरित्र अपने आप ठीक हो जाता है.

जहां अपना मन, चरित्र विचार ठीक होगा तो व्यक्ति को राम का दर्शन होता है. इसके साथ तुलसीदास जी का जन्म और बांदा जिले के राजापुर नामक ग्राम एवं उनके पिता अन्याराम दूबे, माता हुलसी, दासी मुनिया की चर्चा बड़ी ही मार्मिक विषय रही. मौके पर अनिल कुमार गुप्ता, संतोष जायसवाल, दिलीप कुमार पांडेय, गोविंद, प्रमोद अग्रवाल, संजय अग्रवाल, लखन लाल मांझी, नवीन पटेल, कृष्णा सिंह, जगनाथ महतो, ओम प्रकाश गुप्ता, अशोक कांस्यकार, सीताराम शर्मा, ओम सिंह सहित बड़ी संख्या महिलाएं मौजूद थी.

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