बालूमाथ़ प्रखंड की धाधू पंचायत अंतर्गत चितरपुर गांव में सोमवार को रश्मि ग्रुप की ओरिसा एलॉय स्टील लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित ड्रोन सर्वे के विरोध में ग्रामसभा का आयोजन किया गया. ग्राम प्रधान मेसर उरांव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्रामीण काफी आक्रोशित दिखे. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन पर माइनिंग या खनन कार्य शुरू होने नहीं देंगे. बिना ग्रामसभा की अनुमति के सर्वे का विरोध : ग्रामसभा में चर्चा का मुख्य विषय उपायुक्त द्वारा चितरपुर कोल ब्लॉक सर्वेक्षण के लिए कंपनी को दिया गया अनुमति पत्र था. ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ग्रामसभा की संवैधानिक अनुमति लिए बगैर जिला प्रशासन के माध्यम से खनन कार्य की नींव रखना चाहती है, जो पूरी तरह गलत है. ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि कंपनी जबरदस्ती जमीन कब्जा करने का प्रयास करेगी, तो उसका पुरजोर विरोध किया जायेगा. उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने का लिया गया निर्णय : बैठक में ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि सर्वे के माध्यम से कंपनी खनन का रास्ता साफ करना चाहती है. इस विरोध को लेकर ग्रामसभा के माध्यम से लातेहार उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपने का निर्णय भी लिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि पेसा कानून और ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. मौके पर नावाडीह ग्राम प्रधान बनारस उरांव, हनुक उरांव, रामप्रसाद उरांव, दाले उरांव, सोमा उरांव, बसंती देवी, नीरो देवी, गेरवा देवी समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.
चितरपुर कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित ड्रोन सर्वे का ग्रामीणों ने किया विरोध
चितरपुर कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित ड्रोन सर्वे का ग्रामीणों ने किया विरोध
