लातेहार ़ सुप्रीम कोर्ट और झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर सोमवार को लातेहार मंडल कारा का व्यापक निरीक्षण किया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष शेषनाथ सिंह और उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता समेत बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्यों ने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान टीम ने विशेष रूप से बंदियों से संवाद कर यह जानने की कोशिश की कि जेल परिसर के भीतर उनके साथ किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव तो नहीं किया जाता. बंदियों ने स्पष्ट किया कि उनके साथ ऐसा कोई व्यवहार नहीं होता है.बैरकों में जाकर सुविधाओं की ली जानकारी : बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जेल के प्रत्येक बैरक का भ्रमण किया. अधिकारियों ने बंदियों से उनके स्वास्थ्य, इलाज, पेयजल की उपलब्धता, नाश्ते और भोजन की गुणवत्ता पर फीडबैक लिया. साथ ही, मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता की उपलब्धता के बारे में भी पूछताछ की गयी. प्रधान जिला जज ने निर्देश दिया कि जो बंदी आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए जेल प्रशासन समुचित शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करे. तकनीक के उपयोग और जेल मैनुअल पर जोर : निरीक्षण के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को स्कैनर का प्रभावी प्रयोग करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बंदियों की अदालत में पेशी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जेल मैनुअल के तहत निर्धारित सभी सुविधाएं बंदियों को अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. मौके पर मौजूद अधिकारी : इस निरीक्षण अभियान में डालसा सचिव शिवम चौरसिया, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अलका हेंब्रम, सिविल सर्जन डॉ राज मोहन खलखो, कार्यपालक अभियंता कमलेश कुमार और एसडीपीओ अरविंद कुमार समेत कई अधिकारी शामिल थे.
जेल मैनुअल का कड़ाई से करें पालन, पढ़ने के इच्छुक बंदियों को मिलेगी शिक्षा
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