बालूमाथ. रांची-चतरा एनएच-22 पर कोलियरी से निकलने वाले ट्रकों और हाईवा से उड़ रहे धूलकण तथा आए दिन लगने वाले जाम से परेशान व्यवसायियों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बंद रखीं. दवा दुकानों को छोड़कर बाजार की अन्य दुकानें बंद रहीं. दुकानें बंद रहने से दिनभर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा.
दुकानदारों ने दुकानें बंद करने के बाद जोगियाडीह स्थित बिरसा मैदान में बैठक की. बैठक में धूल, जाम और भारी वाहनों के आवागमन से उत्पन्न समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर चर्चा की गयी.
धूल और जाम से व्यवसाय प्रभावित होने का दावा
व्यवसायियों ने कहा कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन से बालूमाथ मुख्य मार्ग पर धूल, जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है. उनका कहना है कि धूलकण के कारण लोगों को दमा, टीबी सहित सांस से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है.
व्यवसायियों ने बताया कि दुकानों में धूल जमने से सामान खराब हो रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. धूल और जाम के कारण ग्राहक भी दुकानों पर आने से कतराने लगे हैं.
24 सितंबर को सड़क जाम का आह्वान
व्यवसायियों और ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान को लेकर करीब एक सप्ताह पहले अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपने के लिए टमटमटोला से प्रखंड कार्यालय तक पैदल मार्च किया गया था. शुक्रवार को दुकानें बंद रखने के बाद व्यवसायियों ने अंचल अधिकारी को आवेदन सौंपा.
बैठक में 24 सितंबर को बालूमाथ में सड़क जाम करने का आह्वान किया गया. व्यवसायियों ने कहा कि इस दौरान बड़े मालवाहक वाहनों को रोका जाएगा. व्यवसायियों और ग्रामीणों ने भारी वाहनों के लिए दिन में नो-एंट्री लागू करने तथा बाईपास सड़क निर्माण की मांग की.
मौके पर देवनंदन प्रसाद, मो तौफीक, जितेंद्र कुमार सिंह, मोनू गुप्ता, उमेश कुमार, मो इकबाल, मो अली, अनिल साव, रोहित कुमार, हीरोकांत गुप्ता, बिट्टू कुमार, सत्येंद्र पांडे, संजय कुमार, गुड्डू साव सहित कई ग्रामीण और व्यवसायी मौजूद थे.
