डीवीसी कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की तैयारी

डीवीसी कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की तैयारी

लातेहार ़ सदर प्रखंड के तुवेद गांव में डीवीसी द्वारा संचालित कोल माइंस के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. कोयला ढुलाई और कोयला साइडिंग को लेकर प्रभावित इलाकों के ग्रामीण लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. सड़क पर उतरीं गाड़ियां, कंपनी को भारी नुकसान : हेरहंज प्रखंड के नवादा गांव में कोयला लेकर जा रही करीब 200 हाइवा गाड़ियों को ग्रामीणों ने रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला ढुलाई के लिए कंपनी को अलग सड़क का निर्माण करना था, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नवादा गांव होते हुए बालूमाथ के कुसमाही कोल साइडिंग में कोयला पहुंचाया जा रहा है. इससे नवादा, जानी और जवार समेत कई गांवों के लोग कोयले के धूलकण और प्रदूषण से बेहद परेशान हैं. दो दिनों तक परिचालन ठप रहने से कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा. बाद में प्रशासन की पहल पर ढुलाई दोबारा शुरू हो सकी, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मार्ग नहीं बदला गया, तो उग्र आंदोलन किया जायेगा. रिचुघुटा स्टेशन पर कोयला डंप करने का विरोध : कुसमाही साइडिंग के बाद अब लातेहार के रिचुघुटा रेलवे स्टेशन पर कोयला डंप करने की योजना पर डीवीसी काम कर रही है. इसकी भनक लगते ही गत 25 मई को सदर प्रखंड के रिचुघुटा गांव में लातेहार विधायक प्रकाश राम के नेतृत्व में पेशरार पंचायत के कई गांवों के लोगों ने कंपनी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. विधायक और ग्रामीणों ने कंपनी को चेताया है कि बिना स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाएं दिये अगर कोयला डंप किया गया, तो इसका पुरजोर विरोध होगा. ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी कोयला लेकर चली जाती है, लेकिन प्रदूषण का खामियाजा उन्हें और उनके बच्चों को भुगतना पड़ता है.

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