टोरी में आरओबी निर्माण की देरी का मुख्य कारण भूमि अधिग्रहण की जटिलता

टोरी में आरओबी निर्माण की देरी का मुख्य कारण भूमि अधिग्रहण की जटिलता

चंदवा़ एनएच-99 पर टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित रोड ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य लटकने को लेकर विभाग ने स्थिति स्पष्ट है. वर्षों से अधर में लटकी इस परियोजना की देरी का मुख्य कारण झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट की है. विधानसभा में विधायक प्रकाश राम द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में विभाग ने स्वीकार किया कि भू-अर्जन प्रक्रिया में जटिलताओं और मुआवजा राशि में वृद्धि के कारण संवेदक के साथ विवाद हुआ था, जिस वजह से पुराने एकरारनामे को ””””फोरक्लोज”””” करना पड़ा. इसके बाद निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा की कमी के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका है. जटिलताओं का हुआ समाधान, प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा : विभाग ने प्रतिवेदन में जानकारी दी है कि वर्तमान में भू-अर्जन और निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी बाधाओं का समाधान कर लिया गया है. भूमि की प्रकृति में बदलाव के कारण बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भार यदि संवेदक वहन नहीं करता है, तो इसे राज्य सरकार द्वारा वहन किये जाने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (भारत सरकार) ने भी पुनर्रीक्षित प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृत करने का निर्देश दिया है. जाम से त्रस्त जनता, 17 घंटे बंद रहता है फाटक : विदित हो कि यह रेलवे क्रॉसिंग दिन के 24 घंटे में से करीब 16-17 घंटे बंद रहता है. बरकाकाना-बरवाडीह और टोरी-शिवपुर रेलखंड की व्यस्तता के कारण यहां लंबा जाम लगता है. एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों के फंसने से अब तक कई मरीजों की मौत हो चुकी है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा.

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Published by: Shailesh ambashtha

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