हेरहंज ़ प्रखंड के नवादा गांव में गुरुवार को सड़क सुरक्षा एवं प्रदूषण समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने तुबेद कोल माइंस से कुसमाही रेलवे साइडिंग तक चलने वाले कोयला लदे हाइवा वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया. सुबह आठ बजे से ही काफी संख्या में ग्रामीण नवादा के समीप सड़क पर बैठ गये और वाहनों को रोक दिया. ग्रामीणों के इस कदम से कोयला परिवहन पूरी तरह बाधित हो गया. प्रदूषण और सड़क हादसों से त्रस्त हैं ग्रामीण : स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला ढुलाई के कारण उड़ने वाले कोल डस्ट से प्रदूषण काफी बढ़ गया है. सड़क किनारे रहने वाले लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. इसके अलावा तेज रफ्तार हाइवा के कारण आये दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. ग्रामीणों ने बताया कि जनवरी 2025 में तत्कालीन एसडीएम की उपस्थिति में डीवीसी कंपनी के साथ एक समझौता हुआ था, जिसमें कंपनी ने रूट बदलने के लिए छह महीने का समय मांगा था. हालांकि, एक वर्ष से अधिक बीत जाने के बाद भी कंपनी ने इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, जिससे आक्रोश बढ़ा है. घायल को नहीं मिली मदद : ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरधाबार निवासी सुरेंद्र गंझू पूर्व में हाइवा दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था. उस समय डीवीसी कंपनी ने इलाज का पूरा खर्च उठाने और भरण-पोषण के लिए हर माह 10 हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन कंपनी मुकर गयी. खबर लिखे जाने तक कंपनी का कोई अधिकारी जाम स्थल पर नहीं पहुंचा था. मौके पर दिलीप जायसवाल, टिंकू जायसवाल, ओम जायसवाल, नरेश साव, संजय साव, लल्लू साव, गोलू, ईश्वरी साव, परमेश्वर भुइयां, सुरेश ठाकुर, सुनील रवि सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.
हाइवा परिचालन के रूट बदलने पर अड़े समिति व ग्रामीण, 12 घंटे से हाइवा परिचालन ठप
हाइवा परिचालन के रूट बदलने पर अड़े समिति व ग्रामीण, 12 घंटे से हाइवा परिचालन ठप
