प्रश्न पत्र नहीं मिलने से परीक्षार्थियों व शिक्षकों को हुई परेशानी
इन दिनों विभाग की पहल पर वर्ग दो से सातवीं तक की वार्षिक परीक्षा चल रही है. प्रखंड के 92 विद्यालय में चल रही इस परीक्षा में बड़ी अव्यवस्था देखने को मिल रही है.
By DEEPAK | Updated at :
बारियातू. इन दिनों विभाग की पहल पर वर्ग दो से सातवीं तक की वार्षिक परीक्षा चल रही है. प्रखंड के 92 विद्यालय में चल रही इस परीक्षा में बड़ी अव्यवस्था देखने को मिल रही है. बच्चों को प्रश्न पत्र नहीं मिल रहे है. बोर्ड पर ही लिख कर प्रश्न बनाने को कहे जा रहे है. सोमवार से आयोजित परीक्षा में कक्षा दो से लेकर कक्षा सात तक के छात्रों को प्रश्न पत्र नहीं दिया गया. जिससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि इस बार ना तो प्रश्न पत्र मिला और ना ही उत्तर लिखने के लिए कोई पृष्ठ. शिक्षकों ने अपने मोबाइल से प्रश्नों को ब्लैकबोर्ड पर लिख दिया. इससे हम छात्रों को सवाल उतारने व उत्तर लिखने में कठिनाई हुई. इधर इस पूरी प्रक्रिया से शिक्षक भी बेदम है. उन्हें भी काफी परेशानी हो रही है. शिक्षकों का कहना है कि इस बार राज्य शिक्षा विभाग की ओर से गुरुजी एप के माध्यम से प्रश्न पत्र भेजा गया था. विद्यालयों के प्रभारी शिक्षकों ने उसी एप से प्राप्त प्रश्नों को ब्लैकबोर्ड पर लिखकर परीक्षा संचालित करवाई है. कहा कि इस प्रक्रिया में उन्हें भारी परेशानी हुई. कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है. ऐसे में एक ही शिक्षक को कई कक्षाओ में जाकर ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखना पड़ा. जिससे परीक्षा संचालन कठिन रहा. प्रखंड के नौ पंचायत के 92 विद्यालय करीब नौ हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए. अधिकांश छात्रों ने परीक्षा प्रणाली को लेकर नाराजगी जतायी है. शिक्षा विभाग से ऐसी अव्यवस्था को दूर करने की मांग की है.
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