Netarhat Tunnel Project, लातेहार (मनोज लाल की रिपोर्ट): झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट की पहाड़ियों में प्रस्तावित टनल रोड परियोजना को लेकर पथ निर्माण विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. टनल निर्माण के लिए विभाग को अब तक कोई योग्य कंसल्टेंट नहीं मिल पाया है, जिसके कारण अब नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू की गई है.
दोबारा मांगे गए आवेदन
विभाग ने इस परियोजना के लिए मार्च माह में ही कंसल्टेंट की तलाश शुरू की थी, लेकिन वांछित योग्यता रखने वाले विशेषज्ञ सामने नहीं आए. इसे देखते हुए विभाग ने फिर से आवेदन मांगे हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 8 मई को प्री-बिड मीटिंग होगी और इच्छुक कंसल्टेंट 19 मई तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगे. इसके बाद 20 मई को बिड खोली जाएगी और योग्य कंसल्टेंट का चयन सुनिश्चित किया जाएगा.
हादसों पर लगेगी लगाम, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पथ निर्माण विभाग की योजना घाघरा से नेतरहाट तक की सड़क को एक आधुनिक ‘टूरिस्ट कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने की है. इस पूरी सड़क को डिवाइडर के साथ फोरलेन बनाया जाएगा ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा. वर्तमान में, नेतरहाट की संकीर्ण पहाड़ी सड़कों पर बॉक्साइट लदे ट्रकों और पर्यटकों के वाहनों के कारण अक्सर गंभीर दुर्घटनाएं होती रहती हैं. कई बार गाड़ियां गहरी खाई में गिर चुकी हैं. टनल रोड के निर्माण से इन खतरों को समाप्त किया जा सकेगा और पर्यटकों को एक विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा.
सुरक्षित होगा सफर
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाना है. वर्तमान संकीर्ण मोड़ों के बजाय टनल के माध्यम से वाहन सीधे और सुरक्षित तरीके से निकल सकेंगे, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी नए पंख लगेंगे.
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