सनातन धर्म केवल भारत का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का धर्म है : किसलय तिवारी

सनातन धर्म केवल भारत का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का धर्म है : किसलय तिवारी

लातेहार ़ सदर प्रखंड के कुंदरी गांव के खेल मैदान में सनातन धर्म रक्षा मंच का आठवां वार्षिक उत्सव मनाया गया. इसकी अध्यक्षता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष रामकुमार यादव ने की. मौके पर मुख्य अतिथि भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म केवल भारत का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का धर्म है. उन्होंने कहा कि विश्व में सनातन धर्म के सिद्धांतों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है. क्योंकि यही धर्म मानवता, सहअस्तित्व और करुणा की भावना को सर्वोपरि मानता है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के प्रभाव और आस्था का दायरा इतना व्यापक है कि संसार के प्रत्येक कोने में इसकी झलक मिलती है. उन्होंने कहा कि सनातन है तो संसार है क्योंकि यह धर्म सृष्टि के मूल सिद्धांतों को धारण करता है. पूर्व मुखिया राजेश उरांव ने कहा कि जो व्यक्ति सनातन धर्म के मार्ग पर चलता है, उसे शांति, शक्ति और स्थिरता प्राप्त होती है. उन्होंने ग्रामवासियों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को भी सनातन संस्कृति और मूल्यों की शिक्षा दें. नाहिद उरांव ने ऋषि-मुनियों के त्याग, तपस्या और शिक्षाओं का स्मरण कराते हुए कहा कि आज आवश्यकता है उनके बताये मार्ग पर चलने की. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की एक पूर्ण पद्धति है, जो हर परिस्थिति में संतुलन सिखाती है. सत्येंद्र यादव ने कहा कि भारत में जितने भी धार्मिक संस्था हैं जो भारत से उत्पन्न हैं सभी सनातन धर्म की शाखा हैं. रवि कुमार डे ने कहा कि सनातन धर्म मानवता का सबसे बड़ा प्रतीक है. इसमें सभी धर्मों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान का भाव है. मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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