रैयतों ने रखी अपनी मांग, सहमति नहीं बनने पर अब 10 को फिर होगी ग्रामसभा

रैयतों ने रखी अपनी मांग, सहमति नहीं बनने पर अब 10 को फिर होगी ग्रामसभा

चंदवा़ बनहरदी कोल परियोजना अंतर्गत आने वाले गैरमजरूआ आम भूमि की लीज बंदोबस्ती, गैरमजरूआ जंगल-झाड़ी भूमि के अपयोजन व अधिसूचित वन क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) 2006 के तहत एफआरए की अनुमति को लेकर सोमवार को बनहरदी पंचायत में तीन मुहान निमिया टोला के पास ग्रामसभा आयोजित की गयी थी. इसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान इंद्रदेव उरांव ने की. उक्त ग्रामसभा अपर समाहर्ता लातेहार के पत्रांक 1666/दिनांक आठ दिसंबर 2023 व सीओ चंदवा के ज्ञापांक 1015 दिनांक 14 अक्तूबर 2025 के आलोक में आयोजित थी. सीओ सुमित कुमार झा, अंचल निरीक्षक महेश सिंह, राजस्व कर्मचारी अमित प्रदीप तिर्की व जनेश्वर राम ने रैयतों की समस्या सुनी. रैयतों ने भी कोल परियोजना खुलने के बाद पड़नेवाले प्रतिकूल प्रभाव व हाल सर्वे में हुई जमीन संबंधी त्रुटियां को लेकर अपनी बात रखी. रैयतों ने पूर्व में किये गये बंदोबस्त भूमि का भी रसीद निर्गत करने, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी को (वनों में अधिकार) के अंतर्गत व्यक्तिगत व सामुदायिक वन पट्टा देने की मांग की. स्पष्ट कहा कि जब तक भूमि संबंधी विसंगतियों में सुधार व हमारी मांगों पर विचार नहीं होगा, हमलोग आगे बात नहीं करेंगे. रैयतों की बात व समस्याओं को सुनने के बाद अधिकारियों ने समस्या को दूर करने का भरोसा दिया है. अंचल निरीक्षक महेश सिंह ने बताया कि ग्रामसभा सकारात्मक रहा है. ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर व लिखित रूप से अंचल में जमा करने को कहा गया है. बताया कि इसके लिये फिर से 10 नवंबर को ग्रामसभा आयोजित होगी. बैठक में प्रभावित क्षेत्र के कई रैयत मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shailesh ambashtha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >