चंदवा सासंग पंचायत सचिवालय के समीप दामर वनभूमि परिसर में बुधवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में 77वां वन महोत्सव मनाया गया. मुख्य अतिथि विधायक प्रकाश राम ने कहा कि तीन दशक पहले ग्रामीण अर्थव्यवस्था जंगलों पर टिकी थी. महुआ, करंज, केंदू, जामुन जैसे वनोत्पादों और रूगड़ा-खुखड़ी से लोगों को आर्थिक लाभ होता था. आज जंगल सिमट रहे हैं और सिर्फ झाड़ियां बची हैं. उन्होंने आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने व पेड़ों को बचाने की अपील की. इससे पूर्व विधायक व अन्य अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया.
रोपण से ज्यादा जंगलों को बचाने की जरूरत
डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने कहा कि लातेहार जिले का 50 फीसदी भूभाग वन क्षेत्र है, इसलिए यहां पौधे लगाने से ज्यादा मौजूदा जंगलों को बचाना जरूरी है. उन्होंने वनों की अंधाधुंध कटाई रोकने व महुआ चुनने के लिए जंगलों में आग नहीं लगाने की अपील की. डीएफओ ने बताया कि इस वर्ष वन प्रमंडल में 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है. कांग्रेस नेता लाल मनोज नाथ शाहदेव ने वन विभाग व वन रक्षा समिति को पूरी ईमानदारी से काम करने की जरूरत बतायी.
नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता का संदेश
अतिथियों ने संयुक्त रूप से पौधरोपण कर लोगों से जन्मदिन व शादी की वर्षगांठ जैसे अवसरों पर पौधे लगाने की अपील की. कार्यक्रम का संचालन बृजेश पाठक ने किया. इस दौरान अंकुर कला जत्था ने नुक्कड़ नाटक के जरिये पेड़ नहीं काटने का संदेश दिया. इससे पूर्व विधायक प्रकाश राम, विशिष्ट अतिथि जिपस सरोज देवी, पूर्व प्रमुख नवाहिर उरांव, कांग्रेस नेता लाल मनोज नाथ शाहदेव, मुखिया संगीता लकड़ा, पुष्पा देवी समेत अन्य का पारंपरिक रीति से स्वागत किया गया. मौके पर विधायक प्रतिनिधि सुरेश यादव, अमृत तिर्की, सौरभ श्रीवास्तव, श्रवण प्रसाद, शिवकेश्वर यादव, रोबेन उरांव, विजय दुबे, राजकुमार पाठक, वन विभाग के अनुराग पांडेय, लव झा, अनिल कुमार, आलोक तिग्गा समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.
