लातेहार. प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने योगदान करते ही शुक्रवार को अपने प्रथम कार्य दिवस में विचाराधीन अपील वाद को निष्पादित किया. चेक बाउंस के अपील वाद संख्या 72/25 की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी निजामुद्दीन ने अपने अधिवक्ता सुनील कुमार के साथ उपस्थित होकर अदालत को सजा में मुकर्रर क्षतिपूर्ति की राशि प्राप्त हो जाने की बात कही. श्री सिंह की अदालत में अपीलार्थी मंजर काशमी आलम के अधिवक्ता कुमार अमित ने तथ्यों को रखते हुए अपील को मंजूर करने की प्रार्थना किया. उभय पक्षों की ओर से अदालत में एक सुलहनामा पेश किया गया. दायर सुलहनामा के आधार पर अदालत ने मामले को रिकॉल करते हुए खुली अदालत में अपना फैसला सुनाते हुए सजायफ्ता मंजर काशमी आलम को सुलह के आधार पर रिहा करने का आदेश पारित किया. मालूम हो उक्त मामले में 22 जनवरी तिथि निश्चित थी सुलहनामा दाखिल होते ही त्वरित निष्पादन होने से पक्षकारों ने अदालत के प्रति गहरी आस्था व्यक्त किया है और कहा है कि उनके मामलों में तीव्र गति से सुनवाई होने से उन्हें आने जाने जैसी परेशानियों से मुक्ति मिली है.
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