लातेहार / गारू़ वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर वन विभाग की संयुक्त टीम ने पैंगोलिन शल्क (स्केल) तस्करी मामले में लातेहार से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. सोमवार की देर रात टीम ने गारू थाना क्षेत्र के दलदलिया टोला (सूकरी दोहर) निवासी ग्राम प्रधान राजू उरांव को दबोचा. इससे पूर्व इसी मामले में गारू से कामेश्वर राम को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. बता दें कि एक सप्ताह पहले बलरामपुर के कोरंधा थाना क्षेत्र से दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों, इसमें महेंद्र राम अगरिया (48), पिता फेकू राम तथा अमित कुमार (33) पिता स्व कृष्ण बहादुर सिंह लातेहार को पैंगोलिन शल्क के साथ पकड़ा गया था.पूछताछ के दौरान इन तस्करों ने खुलासा किया था कि उन्होंने ये शल्क राजू उरांव से खरीदे थे. इसी सुराग के आधार पर राजू की गिरफ्तारी हुई है. बरामद पैंगोलिन शल्क की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग नौ लाख रुपये आंकी गयी है. विभाग अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुट गया है. गिरफ्तारी के विरोध में गोलबंद हुए ग्रामीण, दुर्व्यवहार का लगाया आरोप : ग्राम प्रधान राजू उरांव की गिरफ्तारी के बाद गारू के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों ने राजू को निर्दोष बताते हुए उसे झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है. इस मुद्दे को लेकर दलदलिया, सूकरीदोहर और पुरानी अरमू के ग्रामीणों ने सोमवार देर रात बैठक की, जिसमें जिला परिषद सदस्य जीरा देवी भी शामिल हुईं. राजू की बहन अमिता उरांव ने टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह और राजू उरांव एक साथ लातेहार से लौट रहे थे, तभी औरैया घाटी के पास टीम ने राजू को हिरासत में लिया. अमिता का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया, जबकि टीम में कोई महिला कर्मी मौजूद नहीं थी. जिप सदस्य जीरा देवी ने कहा कि विभाग जांच करे, लेकिन महिलाओं के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
